
जसरासर. फिल्म थानेदार में जिस जोश और उत्साह के साथ गांव वाले के थानेदार का स्वागत कर समय पहली-पहली बार एेसा थानेदार आया गाना गूंजता है। ठीक वैसा ही कुछ नजारा बीकानेर जिले के जसरासर गांव में गुरुवार को देखने को मिला। गांव कातर की पुलिस चौकी का यह थानेदार दो साल से कार्यरता था।
इस दौरान अपने काम से ग्रामीणों का एेसा मन जीता कि गुरुवार को स्थानांतरण के बाद जब विदाई का मौका आया तो ग्रामीणों ने भी स्वागत-सम्मान में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। थानेदार को साफा पहनाया और घोड़ी पर चढ़ाकर पूरे गांव में घूमाया। जगह-जगह फूल मालाओं को पहनाने से थानेदार फूल मालाओं से लाद दिए गए।
सिर पर लाल साफा गले मे माला हाथ मे सोने की बिंटी पहने घोड़ी पर सवार पीछे ग्रामीणों का हुजूम देखते ही बनता था। कातर के मुख्य बाजार से घोड़ी पर निकले थानेदार सहायक सब इंस्पेक्टर रूप सिंह के पीछे लोगों का हुजूम एेसे चल रहा था मानों किसी की बारात निकल रही हो।
कातर पुलिस चौकी प्रभारी के थानेदार रूपसिंह दो साल पहले कातर चौकी प्रभारी नियुक्त किए गए। इन दो साल के दौरान आम लोगों में विश्वास और अपराधियों में एेसा भय पैदा किया कि ग्रामीण उनके कायल हो गए। अब रूपसिंह का स्थानांतरण सरदारशहर थाने में होने पर कातर के शिवपुरी स्थित करणी माता मन्दिर की कार्यकारिणी सदस्यों व शिवपुरी के लोगों ने मंदिर परिसर में कार्यक्रम रखा। जिसमें रूपसिंह को साफा पहनाया और सोने की अंगूठी भेंट कर घोड़ी पर बैठाकर गुलाल उड़ाते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ पुलिस चौकी तक छोडऩे गए।
10 लाख का जनसहयोग का किया काम
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल थानेदार रूपसिंह ने आस पास के गांवों के दानदाताओं से 10 लाख का जनसहयोग से कातर पुलिस चौकी में मरम्मत व नए निर्माण कार्य करवा कर चौकी बहुत ही सुंदर बनाकर तैयार कर दी। जिसका सौन्दर्य देखने योग्य बना दिया।
Published on:
12 Apr 2018 10:09 pm
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