चंवरी, जहां वर-वधू फेरे लेते हैं, वहां कभी मिट्टी, बांस, मूंझ और परंपरागत सजावट का वर्चस्व था। आज वही मंडप एल्युमिनियम, थर्माकोल, एलईडी लाइट्स और विशेष डिज़ाइन वाली स्टेज की भव्यता से चमक रहा है। इतना ही नहीं, घर के आंगन में बनने वाला मंडप धीरे-धीरे मैरिज गार्डन में शिट हो गया है। तकरीबन हते भर तक मंडप में चलने वाली रस्में भले ही एक या दो दिन मेें सिमट गई हों, लेकिन नया दौर सौंदर्य और सुविधाओं को साथ लेकर भी आया।