
खजांची मार्केट में हुई आगजनी की घटना ने शहर के हालातों का प्रशासन को आइना दिखा दिया। यह पहली घटना नहीं है जब जिला व पुलिस प्रशासन को इस तरह के हालातों से गुजरना पड़ा हो। खंजाची मार्केट से ज्यादा भयावह हालात है जैन मार्केट, श्रीतौलियासर भैरुंजी गली, लाभूजी कटला, गुरुनानक मार्केट के। इन क्षेत्रों में अगर कभी कोई आगजनी या हादसा हो जाए तो उससे बड़ी तबाही होने से रोकना मुश्किल होगा लेकिन विडम्बना है कि नगर निगम और जिला प्रशासन के जिम्मेदार इस मामले में बिल्कुल बेपरवाह बने हुए हैं।
कटले में 250 से अधिक दुकानें
लाभुजी कटले में 250 से अधिक दुकानें हैं। यहां पर हर रोज डेढ़ करोड़ का कारोबार होता है। सुबह से शाम तक ग्राहकों की भारी भीड़ रहती है। लाभुजी कटले में संकरी गलियों और दुकानदारों के फुटपाथ पर सामान रखने के कारण दुपहिया वाहन तो दूर पैदल चलना तक मुश्किल होता है। लाभुजी कटले में चलने के लिए महज चार से पांच फीट का ही रास्ता मिलता है। यह कटला सुरक्षा की दृष्टि पूरी तरह असुरक्षित हैं।
बिजली के तारों का बिछा है जाल
जैन मार्केट का नाम आते ही आंखों के सामने तारों के जालनुमा छत की तस्वीर आंखों के सामने घुमने लगती है। मार्केट के भू-तल में सभी इलेक्ट्रिोनिक उपकरणों की दुकानें हैं। यहां कई दुकानदारों ने गोदाम बना रखे है। भू-तल सहित तीन मंजिला इस बिल्डिंग में दर्जनों दुकानें है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन रहता है। मार्केट में बिजली व दुकानों की बिजली फिटिंग के तारों का जाल बिछा हुआ है, जो शॉर्ट सर्किट को न्यौता देती नजर आती है। यहां भी आगजनी की घटना को रोकने के लिए पुख्ता बंदोबश्त नहीं है।
अतिक्रमण का बाजार
शहर का तौलियासर बाजार में अतिक्रमण की भरमार है। यहां सड़क केवल तीन-चार फीट ही खाली रहती है। शेष सड़क व फुटपाथ पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। यहां गारमेंट्स, सौन्दर्य प्रसाधन, गिफ्ट, क्रॉकरी, डिस्पोजल सहित हर तरह का सामान की दुकानें है। यहां दिन में कोई हादसा हो जाए तो वाहन को घुसने के लिए भी घंटों मशक्कत करनी पड़ेगी।
Published on:
29 Sept 2017 10:53 am
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