
नकली बैंक एकाउंट्स
बीकानेर . अनाज मण्डी में मेहनतकश और गरीब पल्लेदारों के बैंक खाते खोलकर, उनमें रातोंरात करोड़ों रुपए जमा करवा दिए गए। इतना ही नहीं, खातों में जिस तरह राशि जमा कराई गई, उसी तरह निकाल भी ली गई। मामला बीकानेर कृषि अनाज मण्डी के पल्लेदारों से जुड़ा है, जिनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खुलवाने के आरोप देहात भाजपा जिलाध्यक्ष सहीराम दुसाद पर लगाए जा रहे हैं।
अभी तक एेसे 14 पल्लेदार सामने आए हैं, जिनके बैंक खातों में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए जमा हुए और निकाले गए। पल्लेदारों को मामले की भनक लगी तो उनकी नींद उड़ गई। वे अब पुलिस अधीक्षक और आयकर विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। ये सभी पल्लेदार गजसुखदेसर (नोखा) के हैं। इनकी माने तो रसूखदार आरोपित नेता से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस के अधिकारी मामला तक दर्ज नहीं कर रहे हैं जबकि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी दिए काफी दिन हो चुके हैं।
करोड़ों की हेराफेरी की आशंका
इन पल्लेदारों का कहना है कि जांच करने पर सैकड़ों फर्जी बैंक खातों का खुलासा हो सकता है। अभी केवल १४ मामले सामने आए हैं, जबकि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की कहकर सैकड़ों मजदूरों से आधार कार्ड की कॉपी ली गई थी। जांच करने पर एेसे और भी मामले सामने आ सकते हैं।
इनके खातों में जमा हुई राशि
पल्लेदार ओमप्रकाश, नरसीराम, सहीराम, हड़मानाराम, रूपाराम, भंवर लाल पुत्र सेवा राम, नंदराम, भंवरलाल पुत्र ऊदाराम, आसुराम, भंवरलाल पुत्र लेखराम, गुलाबराम, फेफाराम, जगदीश के बैंक खातों में करोड़ों रुपए का लेन-देन
हुआ है।
कौन है सहीराम दुसाद
पल्लेदारों ने जिस व्यक्ति को आरोपित बताया है, उन्हें वर्तमान में भाजपा सरकार ने बीकानेर के देहात जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप रखी है। इससे पहले दुसाद बीकानेर कृषि अनाज मण्डी समिति के अध्यक्ष रहे थे।
सब गलती से हो गया
यह फर्म मेरे चाचा की है। पहले हम मिलकर काम करते थे। सारा काम किसी गलती से हुआ है। अपन बैठकर इस बारे में बात करेंगे।
सहीराम दुसाद, जिलाध्यक्ष, भाजपा देहात
यूं खुली खातों की पोल
जिन बैंक खातों को फर्जी तरीके से खुलना बताया जाता है, उनकी डायरियां लेने में भी पल्लेदारों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। असल में ये पल्लेदार मनरेगा में भी मजदूरी करते हैं। उन्होंने जब मजदूरी का पैसा पंचायत समिति के अधिकारियों से मांगा तो अधिकारियों ने उनके केनरा बैंक के खातों में पैसा डालने की बात कही।
पल्लेदारों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें बताया गया कि उनकी मनरेगा मजदूरी की रकम उनके बैंक खातों में जमा करा दी गई है। दरअसल इन मजदूरों ने खाता खुलवाना तो दूर, कभी बैंक की शक्ल तक नहीं देखी।
पल्लेदारों ने बैंक अधिकारियों से जमा रुपए देने और बैंक डायरी मांगी तो उन्होंने एकबारगी डायरियां देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में उन्हें डायरियां देनी पड़ी। पल्लेदारों ने जब डायरियों में लेन-देन को देखा तो उनमें करोड़ों रुपए का लेनदेन मिला।
एक दिन में खुले सभी खाते
मामले की पड़ताल करने पर सामने आया कि सभी 14 बैंक खाते पिछले साल मई में एक ही दिन यहां कीर्ति स्तंभ स्थित केनरा बैंक में एक साथ खोले गए। सभी खातों में तीस लाख रुपए से अधिक की राशि अनाज मण्डी की किसी फर्म के नाम से जमा हुई, जो वर्तमान देहात अध्यक्ष दुसाद की बताई जाती है।
पल्लेदारों की मानें तो जिस समय सहीराम दुसाद मण्डी समिति के अध्यक्ष थे, उस समय उन्होंने समिति चुनाव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पल्लेदारों से आधार कार्ड की फोटो कॉपी और पासपोर्ट साइज के फोटो मांगे थे।
Updated on:
25 Nov 2017 10:05 am
Published on:
25 Nov 2017 08:21 am
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
