
बीकानेर. नगर निगम अब नगरीय विकास कर के साथ पिछले 17 साल से बकाया चल रहे गृहकर की भी वसूली करेगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। निगम ने वर्ष 2007 तक के बकाया गृहकर के संपत्ति धारकों के खातों को खंगालने के साथ उनके लेजर से बकाया गृहकर के मांग पत्र तैयार करने प्रारंभ कर दिए हैं। संभव है जल्द संपत्तिधारकों को बकाया गृहकर के मांगपत्र उनके हाथों में पहुंच जाएंगे। निगम का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष में नगरीय विकास कर की वसूली के साथ-साथ बकाया गृहकर की वसूली करना भी है। इस संबंध में निगम आयुक्त ने संबंधित अनुभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व वसूली के निर्देश दिए हैं।
48 हजार संपत्तियां, 38 करोड़ बकाया
नगर निगम में बकाया गृहकर राशि के लिए 48 हजार से अधिक ऐसी संपत्तियां सूचीबद्ध हैं, जिनमें वर्ष 2017 से गृहकर की राशि बकाया चल रही है। गृहकर के रूप में 38 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बकाया है। अनुभाग प्रभारी अधिकारी सुमेर सिंह भाटी के अनुसार, गृहकर वसूली की सूची में कुल 1 लाख 45 हजार से अधिक संपत्तियां थीं। गृहकर समाप्ति के दौरान सरकार की ओर से जो मानदंड तय किए गए थे, उनमें 48 हजार संपत्तियां शेष रही थीं, जो गृहकर के दायरे में आती हैं।
गृहकर से अधिक हुआ ब्याज
नगरीय विकास कर की व्यवस्था वर्ष 2007 से प्रारंभ हुई। इसी साल से गृहकर की वसूली ठंडे बस्ते में चली गई। निगम का ध्यान भी गृहकर से अधिक नगरीय विकास कर की ओर हो गया। न निगम की ओर से और ना ही संपत्ति धारकों की ओर से गृहकर की तरफ गंभीरता दिखाई गई। वर्ष 2007 तक जो गृहकर बकाया था, उस समय जमा नहीं होने से 17 साल में ब्याज दो गुना से भी अधिक हो गया। बताया जा रहा है कि कुल बकाया 38 करोड़ गृहकर में करीब 24 करोड़ रुपए ब्याज की राशि है।
यूडी टैक्स - एक लाख से अधिक बकाया, जारी हो रहे नोटिस
नगरीय विकास कर की वसूली के लिए निगम प्रशासन ने तैयारी कर ली है। निगम में कुल 1458 ऐसी संपत्तियां है, जिनमें एक लाख अथवा इससे अधिक की राशि बकाया चल रही है।निगम की ओर से ऐसे संपत्ति मालिकों को नोटिस भेजने की तैयारी की गई है। निगम में 13 हजार से अधिक ऐसी संपत्तियां हैं, जो यूडी टैक्स के दायरे में हैं व सूचीबद्ध हैं।
दिए हैं निर्देश
नगरीय विकास कर के साथ-साथ बकाया गृहकर वसूली के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। मांग पत्र भेजे जा रहे हैं। राजस्व शाखा के साथ-साथ स्वच्छता निरीक्षक भी इस कार्य में सहयोग करेंगे। नगरीय विकास कर के लिए नई संपत्तियों का सर्वे कर उनको भी सूचीबद्ध करने के लिए कहा है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले अधिक से अधिक राजस्व वसूली हो, इस पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
मयंक मनीष, आयुक्त, नगर निगम, बीकानेर।
Published on:
06 Dec 2024 11:04 pm

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