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कोरोना का खौफ पैदा करता यह वायरस, अस्पताल भरने लगे मरीजों से…

मेडिसिन विभाग के आउटडोर में भी मरीजों की कतार सुबह 9 बजे से पहले ही लगनी शुरू हो जाती है, जो दोपहर तीन बजे तक रहती है। पीबीएम के बाकी वार्डों के भी कमोबेश यही हालात हैं।

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कोरोना का खौफ पैदा करता यह वायरस, अस्पताल भरने लगे मरीजों से...

कोरोना का खौफ पैदा करता यह वायरस, अस्पताल भरने लगे मरीजों से...

बीकानेर. संभाग का सबसे बड़ा पीबीएम अस्पताल इस समय मछली बाजार बना नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि जिस वार्ड को सीजनल वार्ड बनाया है, उसमें बेड से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती दिखाई दे रहे हैं। ऐसे हालात एन्फ्लूएंजा वायरस के फैलाव का नतीजा हैं। इस आउटडोर में अभी प्रतिदिन औसतन करीब एक हजार मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। ये सभी रोगी एन्फ्लूएंजा वायरस से पीडि़त बताए जा रहे हैं। इनमें अधिकांश को सर्दी, बुखार, सूखी खांसी तथा जोड़ों के दर्द की शिकायत है। मरीजों की बेतहाशा भीड़ और उनकी तीमारदारी के नाम पर परिजनों की मौजूदगी पूरे वार्ड में भीषण गर्मी, उमस और खासतौर से मरीजों के लिए बेचैनी का कारण बन रही है। स्टाफ भी कम परेशान नहीं है। वार्ड में भीड़ अधिक होने से गर्मी-उमस का माहौल बना हुआ है। जबकि वार्ड में लगे अधिकांश पंखे खिलौने जैसे ही बेजान पड़े हैं। मेडिसिन विभाग के आउटडोर में भी मरीजों की कतार सुबह 9 बजे से पहले ही लगनी शुरू हो जाती है, जो दोपहर तीन बजे तक रहती है। पीबीएम के बाकी वार्डों के भी कमोबेश यही हालात हैं।

सीजनल वार्ड में 30 बेड, मरीज 50

पीबीएम अस्पताल के आपातकालीन कक्ष के निकट बने सीजनल वार्ड में 30 बेड लगे हैं, जबकि इस पर 50 मरीज भर्ती हैं। ऐसे में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज नजर आ रहे हैं। इनके परिजनों की भीड़ भी वार्ड में ही होती है। लिहाजा गर्मी और उमस का वातावरण है। वार्ड के स्टाफ के बैठने के लिए जो स्थान निर्धारित है, वहां लगे पंखे भी खिलौने बने हुए हैं। वार्ड में 20 पंखे लगे हैं। इसमें से 15 पंखें चल रहे हैं। ऐसी अब तक चालू नहीं किए गए हैं।

कोविड के बाद पहली बार...

कोविड के बाद अब एन्फ्लूएंजा वायरस का जोर है। इसमें रोगी को भयंकर जुकाम होता है और बुखार के साथ-साथ मांसपेशियों में दर्द होता है। यह वायरस सबसे ज्यादा अस्थमा पीडि़तों को अपनी चपेट में ले रहा है। चिकित्सकों का मानना है कि कोविड के बाद आउटडोर में इतनी भीड़ पहली बार दिख रही है। अक्टूबर से मरीजाें की संख्या दिनों-दिन बढ़ ही रही है। करीब एक हजार मरीजों का आउटडोर हो रहा है। यहीं स्थिति बच्चा अस्पताल में बनी हुई है। चिकित्सकों का मानना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में मरीजों की संख्या कम हो सकती है।

...तो नजरंदाज न करें

इस समय मेडिसिन विभाग के आउटडोर में मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। अधिकांश मरीज तेज जुकाम, बुखार और सूखी खांसी के हैं। उन्हें आवश्यक दवा देकर आराम की सलाह दी जा रही है। अगर किसी व्यक्ति को जुकाम और खांसी आ रही है, तो नजरंदाज न करे। डॉ. परमिन्द्र सिरोही, वरिष्ठ चिकित्सक, पीबीएम अस्पताल