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युवक के अपहरण मामले में तीन और गिरफ्तार, दो आरोपी रिमांड पर

- नयाशहर थाने में मामला दर्ज - अपहृत युवक को पुलिस के डर से बज्जू के पास छोड़ गए आरोपी  

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बीकानेर। हवाला के रुपयों के लिए युवक का अपहरण करने के मामले में नयाशहर पुलिस ने तीन और युवकों को पकड़ा। शनिवार को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियाें को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है।

एसएचओ वेदपाल शिवरान ने बताया कि अपहरण की साजिश में शामिल लूणकरनसर तहसील के फुलदेसर निवासी अजय पुत्र रायसाब बिश्नोई, सुरनाणा निवासी रतिराम भुवाल पुत्र मदनलाल जाट एवं हरिजन बस्ती के सामने लूणकरनसर निवासी निजाम पुत्र श्रवण खां को गिरफ्तार किया गया है। उक्त सभी लोग आपराधिक षड्यंत्र में शामिल थे। उक्त सभी लोगों को सोमवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। वहीं बंगलानगर निवासी जयप्रकाश एवं लूणकरनसर तहसील के कालू गांव निवासी राहुल सारस्वत को रविवार को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों को सोमवार को वापस न्यायालय में पेश किया जाएगा। मुख्य आरोपी रमेश एवं वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें लगी हुई है।

कार अजय ने दी, बीकानेर में चार-पांच दिन ठहरे

एसएचओ वेदपाल ने बताया कि अजय बिश्नोई कार चलाता है। मुख्य आरोपी रमेश को उसने कार उपलब्ध कराई थी। इसी कार में वारदात को अंजाम देने आरोपी आए थे। अजय, रतिराम व निमाज घटना से पांच-छह दिन पहले बीकानेर आ गए थे, यह सभी रानीबजार िस्थत केजी कॉम्प्लेक्स में रहे थे। पुलिस जांच-पड़ताल में पता चला कि उक्त लोग घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे लेकिन षड्यंत्र में शामिल थे।

रमेश ने रचा था षड्यंत्र

एसएचओ ने बताया कि पूरे घटनाक्रम का षड्यंत्र का मास्टरमाइंड रमेश बिश्नोई है। उसने ही एक-एक कर अपने साथियों व परिवादी के रिशतेदार राहुल को लालच देकर साथ लिया। बताते हैं कि अपहृत युवक पवन व उसका पिता सांवताराम बंगलुरु में हवाला का काम करते थे। बाप-बेटे दो करोड़ 73 लाख रुपए लेकर बीकानेर भाग आए। रुपए लाने की भनक रमेश बिश्नोई को लग गई। उसने बाप-बेटे से संपर्क कर कुछ रुपयों की मांग की लेकिन मामला बिगड़ गया तब उसने पवन का अपहरण कर रुपए वसूल करने का तरीका निकाला।

परिवादी पुलिस में मामला तक दर्ज कराना नहीं चाहतासूत्रों की मानें तो परिवादी पवन व उसका पिता सांवताराम उक्त घटनाक्रम के संबंध में पुलिस में मामला तक दर्ज नहीं कराना चाहते थे लेकिन अपहरण जैसे घटनाक्रम को लेकर पुलिस किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती थी। पुलिस ने वारदात की सूचना के बाद अपहृत पवन को छुड़ाया बल्कि आरोपियों की धरपकड़ की। आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया।

यह है मामला

रीड़ी निवासी सुनील पुत्र मदनलाल बीके स्कूल के पास किराए के मकान में रहता है। वह बीएससी फाइनल का स्टूडेंट हैं। 12 जनवरी को उसकी बुआ का लड़का पवन पुत्र सांवताराम उसके पास आया। देर रात को एक कार में चार-पांच युवक आए और सुनील के साथ मारपीट की तथा पवन को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। इस संबंध में सुनील ने नयाशहर पुलिस को सूचना दी। सुनील की रिपोर्ट पर नयाशहर थाने में चार-पांच जनों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।