
फाइल फोटो पत्रिका नेटवर्क
बीकानेर। यातायात नियमों के उल्लंघन पर वाहन के कटने वाले चालान को लेकर सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लागू कर दिया है। अब किसी भी वाहन चालक को चालान के खिलाफ न्यायालय में चुनौती देने से पहले कुल जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि जमा करानी अनिवार्य हो गई है। बिना यह राशि जमा किए कोर्ट में सुनवाई का अवसर नहीं मिलेगा। नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रेल से यह नियम लागू हो रहा है।
केन्द्र सरकार की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। अब यह नियम लागू होने के साथ ही नई व्यवस्था के तहत चालान के खिलाफ सीधे अदालत में दावा नहीं किया जा सकेगा। उससे पहले आधा जुर्माना भरना होगा।
नए प्रावधान के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को चालान की राशि अधिक लगती है या चालान को गलत मानता है, तो उसे पहले आधा जुर्माना जमा कराना होगा। इसके बाद ही वह न्यायालय में अपनी बात रख सकेगा।
बड़ी संख्या में लोग चालान भरने से बचने के लिए सीधे कोर्ट चले जाते थे। इससे न्यायालयों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था और मामलों का निस्तारण लंबित रहता था। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे मुकदमों की सख्या कम रहेगी, साथ ही प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस नए नियम के लागू होने के बाद चालान की वसूली में तेजी आने की संभावना है। वाहन चालकों में यातायात नियमों का पालन करने की प्रवृत्ति भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे केवल गंभीर और वास्तविक मामलों में ही लोग न्यायालय की शरण लेंगे।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कटने वाले चालान को लेकर सरकार ने बड़ा और सख्त नियम लागू किया है। नया प्रावधान एक अप्रेल से लागू कर दिया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। अब चालान राशि का 50 फीसदी जुर्माना जमा कराने पर अपील की जा सकेगी।
अनिल पण्ड्या, क्षेत्रीय प्रादेशिक परिवहन अधिकारी बीकानेर
Published on:
31 Mar 2026 06:05 pm
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
