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बस… चालान बनाने में व्यस्त यातायात पुलिस

यातायात व्यवस्था बेहाल...छह महीने में 28455 चालान कर 50 लाख से अधिक वसूल चुकी है जुर्माना

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Anushree Joshi

Jul 20, 2016

challan

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शहर की यातायात की बागडोर संभालने वाली हमारी यातायात पुलिस केवल दुपहिया वाहन चालकों के हेलमेट चालान बनाने में ही व्यस्त है। शहर में यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है या नहीं इससे उसे कोई सरोकार नहीं है।

ट्रैफिक प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं। यातायात पुलिस जहां मर्जी हो वहीं मोर्चा खोलकर बिना हेलमेट वालों के खिलाफ चालान बनाने में जुट जाती है।

बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालक को देखकर यातायात पुलिसकर्मी उसकी तरफ ऐसे लपकते है, जैसे वह कोई बड़ा अपराधी हो और बच कर न निकल जाए।

फिर भी नहीं मानते

सड़कों पर चलने वाले 80 फीसदी चालकों को यातायात नियमों की जानकारी है लेकिन पालना नहीं करते, जिससे वे हर पल यातयात नियमों को तोडऩे के साथ-साथ दुर्घटनाएं कर रहे हैं।

डेढ़ साल की कार्रवाई

वर्ष 2015 में कुल 49488 चालान कर 98 लाख 72 हजार 100 रुपए का जुर्माना वसूला गया। इनमें हेलमेट के 28291, तेजगति 1753, सीट बैल्ट 1626, गलत साइड 729, शराब पीकर वाहन चलाने 323, मोबाइल वार्ता 217, काली फिल्म 115 एवं 60 पुलिस एक्ट के 335 चालान किए गए हैं।

बस/मिनी बस के 283, ट्रक-ट्रेक्टर 3795, कार-जीप 5541, ऑटोरिक्शा 3710 और दुपहिया वाहन 36044 चालान किए गए। इस वर्ष जनवरी-2016 से 30 जून तक कुल 28455 चालान कर 50 लाख 26 हजार 400 रुपए का जुर्माना वसूला गया है।

इनमें हेलमेट के 6940, तेजगति 1219, सीट बैल्ट 973, गलत साइड 3993, शराब पीकर वाहन चलाना 218, मोबाइल वार्ता 134, काली फिल्म 50 और 60 पुलिस एक्ट के 149 के चालान किए गए हैं।

बस-मिनी बस 155, ट्रक टे्रक्टर 3375, कार-जीप 4020, ऑटो रिक्शा 3439 एवं दुपयिा वाहनों के 17466 चालान बनाए गए।



औसतन किस गलती में कितने मामले

-हेलमेट नहीं लगाना 15 फीसदी

-वाहन चलाते मोबाइल पर बात करना 13 फीसदी

-सीट बैल्ट नहीं लगाना 14

-शराब पीकर वाहन चलाना 12

-लाइसेंस नहीं होना 18

-निर्धारित गति से तेज चलाना 8

-दो सवारी से अधिक बैठना 9

-गलत दिशा में चलाना 12

-अवैध पार्किंग करना 15

-अन्य गलतियां 5

गतिसीमा जांचने की मशीन खराब

यातायात पुलिस हेलमेट के सिवा किसी पर ध्यान नहीं दे रही है। नतीजन शहर से गुजरने वाले बड़े वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रेशर हॉर्न बजाते हुए गुजरते हैं। प्रेशर हॉर्न प्रतिबंधित क्षेत्र में बजाना गलत है लेकिन यातायात पुलिस को प्रेशर हॉर्न बजते सुनाई नहीं देते।

वाहनों की स्पीड जांचने वाली मशीन खराब पड़ी है। पुलिस अंदाज से ही कभी-कभार चालान करती है। 60 पुलिस एक्ट की कार्रवाई भी नाममात्र हो रही है।

किसी के नहीं मानते आदेश

पुलिस अधीक्षक ने पूर्व में यातायात चेकिंग के दौरान दुपहिया वाहन की चाबी नहीं निकालने संबंधी लिखित व मौखिक आदेश जारी किए थे लेकिन यातायात पुलिसकर्मी एवं होमगार्ड एेसे आदेशों को नहीं मानते।

इतना ही नहीं चेकिंग के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी बेहद रूखा होता है। यातायात पुलिसर्मियों के दुव्र्यवहार पर कोई व्यक्ति नाराजगी जताता है तो उसकी गाड़ी सीज करने तक की धमकी दी जाती है।

इनका कहना है

सख्ती के बिना दुपहिया वाहन चालक हेलमेट लगाते नहीं है। हेलमेट नहीं पहनने पर चालान बनाना मजबूरी होती है। आमजन की सुरक्षा के लिए हेमलेट पहनने की सलाह दी जाती है। चालान काटना यातायात पुलिस का कोई उद्देश्य नहीं है।

प्रतापसिंह डूडी, उप अधीक्षक यातायात

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