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हर गली-मोहल्ले में श्वानों की गुर्राहट, माह में 1000 को काटा

बेसहारा गोवंश के बाद सबसे अधिक तादाद कुत्तों की, पॉश कॉलोनियों में भी रहता है काटने का खतरा

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शहर में श्वानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही श्वानों के काटने (डॉग बाइट) की घटनाओं में भी हर साल इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रति माह एक हजार से अधिक लोगों को श्वान काट रहे हैं और घायल होकर अस्पतालों में पहुंच रहे है। पिछले साल जिले में 12 माह में 13 हजार से अधिक लोगों को श्वानों ने काट लिया था।

इसके बावजूद नगर निगम श्वानों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। शहर की हर गली, मोहल्ले और चौराहों से लेकर पॉश कॉलोनी तक में श्वानों के काटने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। वास्तविकता यह है कि वर्तमान में नगर निगम के पास इस समस्या के समाधान की कोई योजना नहीं है। महापौर व निगम अधिकारी इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।

निगम देगा सुविधा
यह सही है कि निगम क्षेत्र में श्वानों की संख्या व इनके काटने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। निगम ने श्वानों की नसबंदी के प्रयास किए हैं व प्रयास जारी हैं। डॉग बाइट बड़ी समस्या है। पूर्व में कई टेण्डर निकाले भी गए, लेकिन कोई एनजीओ तैयार नहीं हुआ। श्वानों की नसबंदी के लिए निगम इन्हें पकडऩे, ऑपरेशन थियेटर व रख-रखाव आदि की सुविधाएं किसीको भी देने को तैयार है।
नारायण चौपड़ा, महापौर, बीकानेर

साल दर साल बढ़े मामले
वर्ष डॉग बाइट
2013 4,403
2014 7,564
2015 11,104
2016 11,896
2017 13,418

निगम क्षेत्र में सर्वाधिक डॉग बाइट
जिले में सर्वाधिक डॉग बाइट की घटनाएं निगम क्षेत्र में हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2017 में 13 हजार 418 डॉग बाइट की घटनाएं हुई, इनमें बीकानेर शहरी क्षेत्र में 7233, नोखा ब्लॉक में 1340, बीकानेर ब्लॉक में 1185, कोलायत ब्लॉक में 1088 , लूणकरनसर ब्लॉक में 1015, डूूंगरगढ़ ब्लॉक में 820 तथा खाजूवाला ब्लॉक में 737 मामले शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2009 से 2017 तक जिले में 56,630 डॉग बाइट की घटनाएं हुई, जिनमें 27,469 बीकानेर शहर की हैं।