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उधर चल रहा था भारत-पाक के बीच क्रिकेट का रोमांच, इधर पुलिस की नाक के नीचे से हो गया 50 करोड़ से भी ज्यादा का सट्टा

बीकानेर शहर के बड़ा बाजार, रांगड़ी चौक, गंगाशहर, नयाशहर, जेएनवीसी, कोटगेट इलाका समेत नोखा, श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, जामसर, खाजूवाला व छतरगढ़ में मैच पर करोड़ों के दांव लगे।

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चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हुआ। हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर लोगों में जहां जबरदस्त उत्साह रहा, वहीं सट्टेबाजों की सक्रियता भी बढ़ गई। आमजन के मनोरंजन के साथ-साथ सटोरियों के लिए कई गुना कमाई का जरिया बना। बीकानेर शहर के बड़ा बाजार, रांगड़ी चौक, गंगाशहर, नयाशहर, जेएनवीसी, कोटगेट इलाका समेत नोखा, श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, जामसर, खाजूवाला व छतरगढ़ में मैच पर करोड़ों के दांव लगे। पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे क्रिकेट मैच पर करोड़ों रुपए का सट्टा हो गया। गौरतलब है, क्रिकेट सट्टे में बीकानेर प्रदेश ही नहीं, देशभर में कुख्यात है, लेकिन पुलिस की सुस्ती का आलम यह रहा, जैसे कि बीकानेर में इस बार क्रिकेट पर सट्टा हुआ ही नहीं।

फोन पर लगते और रद्द होते रहे दांव

बीकानेर ही नहीं प्रदेशभर में सटोरिये संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं। सट्टे का करोड़ों का कारोबार सटोरियों की ओर से बनाए गए कोडवर्ड से होता है। लाखों करोड़ों के दांव एक फोन पर लगते हैं और रद्द होते हैं। हर शहर में एक प्रमुख सटोरिया होता है, जो मुंबई, नागपुर व दिल्ली में बैठे बुकी के संपर्क में रहता है। शहर का यही मुखिया अपने अलग-अलग एजेंट बनाता है। मैच शुरू होने के आधा घंटा पहले सटोरिए अलर्ट हो जाते हैं। इसके बाद सट्टा खेलने वाले वाले (जिन्हेंं पंटर कहते हैं) दांव लगाने के लिए फोन करने लगाते हैं, जिन्हें सटोरियों के एजेंट यानी खाईवाल रिसीव करते हैं। सट्टे की भाषा में एक लाख रुपए को एक पेटी, 50 हजार को आधी पेटी व 25 हजार को क्वार्टर कहते हैं। यदि भाव कम करना हो, तो फोन पर पंटर को पाछी खाई लगाई बोलना पड़ता है। तब उसका सट्टा कट जाता है। सट्टा लगाने वाले को पंटर कहते हैं।

संजीदा नहीं रहती पुलिस

शहर में मोबाइल के जरिए संचालित हो रहे सट्टे पर पुलिस संजीदा नहीं है। शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट सट्टा संचालित होने की बात प्रमाणित होने के बावजूद पुलिस इसे गंभीरता से नहीं लेती। करीब पांच साल पहले पुलिस अधीक्षक ने नोखा के सटोरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। यह प्रदेश का पहला ऐसा मामला था, जिसमें सटोरियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। उसके बाद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। जिले में बड़े स्तर पर क्रिकेट सट्टा होता है, लेकिन पुलिस महज छोटे सटोरियों को पकड़कर इतिश्री कर लेती है।

45 से 50 करोड़ का सट्टा लगा बीकानेर जिले में
भारत-पाक मैच पर क्रिकेट सट्टे की आशंका के चलते जिलेभर के थानाधिकारियों को अलर्ट किया गया था। हालांकि, पुलिस की पकड़ में कोई आया नहीं। पुलिस सटोरियों पर नजर रखे हुए थी। सट्टे की कार्रवाई में कहीं लापरवाही बरती गई और इसका पता चला, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कावेन्द्र सिंह सागर, पुलिस अधीक्षक


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