
विधवा आश्रम की अनकही कहानी मंच पर हुई साकार
बीकानेर उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला के तत्वावधान में रेल नाट्य महोत्सव के दौरान मंगलवार को रेलवे प्रेक्षागृह में नाटक 'द वाइट साड़ी का मंचन किया गया। अमित तिवाड़ी के निर्देशन में मंचित नाटक के पात्रों ने उम्दा अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा। सफेद शब्द सुनते ही मन किस तरह के ख्याल आते हैं? इसकी जगह सफेद साड़ी हो तो, बदलाव कुछ ऐसा होता है, जैसे किसी ने सीधा स्वर्ग से धरती पर पटका हो। ये खय़ाल और जटिल और नाटकीय होता जाता है अगर बात की जाती है राधा-कृष्ण के मिलन की धरती, वृन्दावन पर बने अलगाव के प्रारूप एक विधवा आश्रम की।
एक अनदेखे विधवा आश्रम में जीवन यापन करने वाली महिलाओं की एक अनसुनी कहानी नाटक के माध्यम से बयां होती है। क्या होता है जब देवभूमि पर जातियों के रंगों के पार कहीं मिलता है। नाटक के पात्रों ने नृत्य माध्यम से अपनी प्रभावी प्रस्तुति से सभी को भावविभोर कर दिया। इसमें रेहा, नेहा, अनुशका, गुरुश्री, दामिनी, कपिल, निमिश, कनिका, आदिती, सिमरन, कीर्तिका, राज, राहुल, करन, अभिषेक, लक्ष्य, खुशी आदि ने अभिनय किया।
Published on:
31 Oct 2018 02:31 am
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
