
Water department
लूणकरनसर. कंवरसेन लिफ्ट नहर की २९१ आरडी से लूणकरनसर के कुंभाणा बास वाटरवक्र्स को आने वाले जलदाय विभाग की पाइप लाइन में सर्च ऑपरेशन में बुधवार को दूसरे दिन भी अवैध तीन कनेक्शन मिले। मौके पर अवैध कनेक्शन हटाकर दो जनों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। कनिष्ठ अभियंता शांतनु कुमार पाण्डे ने बताया कि अवैध कनेक्शन हटाने के दौरान बुधवार को भी तीन खेतों में चार अवैध कनेक्शन पाए गए। तीनों ही जगह पर पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर पानी चुराया जा रहा था तथा पानी को फसलों की सिंचाई के उपयोग लिया जा रहा था।
कनिष्ठ अभियंता पाण्डे ने बताया कि बुधवार को बरकत खां के खेत में एक बड़े अवैध कनेक्शन हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान बरकत खां के पुत्रों द्वारा कार्य रोककर दुव्र्यवहार किया गया। इसके बाद मौके पर पुलिस जाब्ता बुलाकर अवैध कनेक्शन हटाकर पाइप व अन्य सामान जब्त किया गया। कनिष्ठ अभियंता पाण्डे ने बताया कि बरकत खां के खेत में कंवरसेन लिफ्ट नहर से पास अवैध कनेक्शन किया था। ऐसी स्थिति में पाइप लाइन के टूटने की संभावना थी। अवैध कनेक्शन के दौरान पानी लाइप टूटने से कस्बे को जान-माल का नुकसान हो सकता था तथा नहर भी टूट सकती थी।
पाइप लाइन टूटने से गहराया पेयजल संकट
श्रीडूंगरगढ़. कस्बे की प्रताप बस्ती में पाइप लाइन टूटने से पानी सड़कों पर बह रहा है। मोहल्ले के लोगों ने जलदाय विभाग को अवगत करवाया लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है। उधर, बस्ती के लोग पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं। जलदाय विभाग की ओर से डाली गई प्रताप बस्ती की यह मुख्य लाइन है। पिछले सप्ताह ही इस लाइन को दुरुस्त भी किया गया था लेकिन पाइप लाइन कमजोर होने के कारण वापस टूट गई। पानी बहने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां से वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। वहीं गत कई दिनों से पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो रही है।
दोनों नलकूप बंद
हेमेरां. गांव में जलदाय विभाग के दो नलकूप बने हैं और दोनों ही बंद हैं। ग्रामीण राजेश शर्मा ने बताया कि गांव में सेरूणा मार्ग पर बना नलकूप गत एक सप्ताह से बंद है। इस कुएं पर विद्युत लाइन में फाल्ट होने के कारण आपूर्ति बाधित है। गौरतलब है कि इस कुएं के पास सपोट वायर में करंट लगने से एक भैंस की मौत हो गई थी। तब से विद्युत आपूर्ति ठप होने से कुआं बन्द है। विभाग को अवगत करवाने के बावजूद इसकी सुध नहीं ली है। गांव स्थित पुराना कुआं भी गत दो दिन से बंद है। इससे गांव में पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से दोनों कुएं चालू करवाने की मांग की है।
गिराजसर में किल्लत
श्रीकोलायत. जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते गिराजसर गांव पिछले १५ दिन से पेयजल संकट बना है। विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई है। गांव के मूलचन्द रामावत ने बताया कि गांव में बने जलहौद की स्थिति बदतर है। गांव में जल भण्डारण के लिए बने जलहौद क्षतिग्रस्त हो चुके है। जलहौद पर पन्द्रह दिन पूर्व ठेकेदार द्वारा कार्मिक हटा लेने के बाद से स्थिति और भी खराब हो गई है। ग्रामीण अशोक सोनी, महेश भील, भोमचन्द सोनी सहित ग्रामीणों ने विभाग से गांव के पेयजल आपूर्ति सुचारू करने एवं जलहौद का निर्माण करवाने की मांग की है।
Published on:
23 Aug 2018 01:24 pm
