
घर-घर में बनेंगे जलकुंड, वर्षा जल होगा संरक्षित
बीकानेर. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए बारिश के पानी को संरक्षित करने का कार्य शुरू हो गया है। राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत जिले के 12 गांवों में घर-घर और खेतों में जलकुंड (टांका) बनाए जा रहे है। घरों में बनाए जा रहे जलकुंड को घरों की छतों से और खेतों में बनाए जा रहे जलकुंड को पायतन से जोड़ा जा रहा है, ताकि बारिश के पानी की एक-एक बूंद को संरक्षित रखा जा सके। ये सभी जलकुंड बारिश के मौसम से पहले बनकर तैयार हो जाएंगे। स्टेट फंड, मनरेगा और जल ग्रहण योजना के तहत इन जलकुंड निर्माण पर राशि खर्च की जा रही है।
15 हजार लीटर क्षमता, 50 हजार की लागत
चिह्नित गांवों के घरों में बनाए जा रहे जलकुंड की क्षमता 15 हजार लीटर पानी की होगी। जिला परिषद के अधिशाषी अभियंता यशपाल पूनिया के अनुसार घरों में बनने वाले जलकुंड पर प्रत्येक पर 50 हजार रुपए की राशि व्यय हो रही है। वहीं खेतों में तीस हजार लीटर की क्षमता का जलकुंड बनाया जा रहा है। इस पर डेढ लाख रुपए की लागत आ रही है। एक्सईएन के अनुसार एक व्यक्ति घर अथवा खेत दोनों में से किसी एक स्थान पर जलकुंड बनवा सकेगा।
यहां इतने गांवो में बनेंगे जलकुंड
जिले की लूणकरनसर पंचायत समिति क्षेत्र में 02, पूगल पंचायत समिति क्षेत्र में 01, कोलायत पंचायत समिति क्षेत्र में 02, पांचू पंचायत समिति क्षेत्र में 02, नोखा पंचायत समिति क्षेत्र में 02, श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में 02 और बीकानेर पंचायत समिति क्षेत्र के 01 गांव में जलकुंड बनाए जा रहे है।
Published on:
04 Apr 2021 05:12 pm
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