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येलो अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने जताई भारी बारिश की संभावना

बीकानेर अंचल में मौसम ने अचानक पलटा खाया। एक तरफ गांवों में जहां बारिश का दौर चला, वहीं शहरी क्षेत्र में पूरे दिन बादलों की आवाजाही रही।

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बीकानेर. बीकानेर अंचल में मौसम ने शनिवार को अचानक पलटा खाया। एक तरफ गांवों में जहां बारिश का दौर चला, वहीं शहरी क्षेत्र में पूरे दिन बादलों की आवाजाही रही। धूलभरी हवाएं चली। ग्रामीण क्षेत्र में बारिश होने से शहर में दिनभर ठंडी हवाएं चली। इसके चलते मौसम में ठंडक हो गई। पारा १० डिग्री गिर गया। अधिकतम तापमान ३३.४, न्यूनतम २५.८ डिग्री सेल्सियस रहा। ठंडी हवाएं चलने से

शहरवासियों को गर्मी से राहत
मिली। १७ किलोमीटर प्रति घंटे से चली तेज हवाओं से बादल शहर से दूर चले गए। मौसम विभाग के प्रभारी अधिकारी संजीव थानवी के अनुसार बीकानेर जिले में येलो अलर्ट जारी है। २२ से २४ सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। शहर में सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई, जो दोपहर तक जारी रहा। दोपहर बाद काली घटाएं छाने लगी। इससे मौसम सुहावना हो गया। कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ धूल गुबार उठना शुरू हो गए।

किसानों के चेहरे पर चिंता
बज्जू तहसील क्षेत्र के किसानों की स्थिति इन दिनों दयनीय है। किसानों को पहले वर्षा नहीं होने बाद नहरों से पानी नही मिला। और अब शनिवार को चली आंधी ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी। पानी की कमी के चलते जहां किसान प्रकृति से लड़ता नजर आ रहा है, वही लगातार तेज धूप के कारण फसलें झुलसती दिख रही है।

रही कसर शनिवार को आंधी ने पूरी कर दी। इससे किसानों को इस बार कृषि उत्पादन में निराशा हाथ लगना तय है। किसान बुधराम ज्याणी, मदन सुथार व राजेन्द्र धायल ने बताया कि पहले तो राम रूठा, फिर राज ने किसानों को धोखा दिया और अब प्रकृति ने फिर से शेष रही खुशी छीन ली है। शनिवार देर रात तक आंधी का दौर जारी रहा।

मौसम सुहावना
नोखा में तपती धूप के बाद शनिवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली। बूंदाबांदी हुई। साथ ही ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहाना हो गया। जैतपुर में शनिवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई, जो रुक-रुककर दिनभर जारी रहा। बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। खेतों में मोठ की फसल कटाई पर है, जबकि ग्वार, बाजरे, तिल की फसलों को जीवनदान मिला है।

बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। सूडसर सहित आस-पास के गांवों में बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक का एहसास बढ़ गया। हालांकि तेज बारिश नहीं होने से किसान मायूस नजर आया। दोपहर बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो शाम तक जारी रहा।