5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भ्रष्टाचार को लेकर श्रमिकों ने दी आत्महत्या की धमकी

एक खेत में पेड़ पर चढ़ गए। दोनों श्रमिकों ने गले में रस्सी डाल ली व मांगे नहीं मानने पर पेड़ से लटककर आत्महत्या की धमकी दी।
2 min read
Google source verification
Workers threatened suicide

Workers threatened suicide

महाजन. रामबाग ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत सरपंच व ग्रामसेवक द्वारा भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए गुुरुवार को दो श्रमिक एक खेत में पेड़ पर चढ़ गए। दोनों श्रमिकों ने गले में रस्सी डाल ली व मांगे नहीं मानने पर पेड़ से लटककर आत्महत्या की धमकी दी। दिनभर समझाइश चलतरी रही वहीं शाम को अधिकारियों के समझाइश करने के बाद पटाक्षेप हुआ।

जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत रामबाग माइनर के चक ३ आरबीएम में खाळे की मिट्टी निकालने के कार्य में जिन श्रमिकों ने मेहनत की उन्हें भुगतान नहीं मिला। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि सरपंच व ग्रामसेवक मनमानी कर फर्जी मस्टररोल भरकर भुगतान उठा रहे हैं। इस मामले को लेकर रामबाग के श्रमिक रामजस व दौलतराम बाना खाळे के पास ही दो पेड़ों पर चढ़ गए व गले में रस्सी का फंदा डाल लिया।

मौके पर ग्रामीणों व मनरेगा श्रमिकों की भीड़ जुट गई। मौके पर उपस्थित श्रमिकों ने भुगतान दिलवाने व मनरेगा में भ्रष्टाचार की जांच करवाने की मांग उठाई। सुबह करीब ११ बजे पेड़ पर चढ़े श्रमिकों की दोपहर बाद तक कोई सुनवाई नहीं होने से श्रमिक आक्रोशित हो गए। मामले की गम्भीरता को देखते हुए दोपहर बाद महाजन थाने से एसआई गुरुवरणसिंह, हैड कांस्टेबल भोलूराम बिश्नोई, कांस्टेबल जयप्रकाश भाम्भू, कुलदीप आदि पहुंचे व श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया। परन्तु श्रमिक अड़े रहे।

उच्च स्तर तक मामले की जानकारी मिलने के बाद शाम को महाजन नायब तहसीलदार बाबूलाल, विकास अधिकारी सुनील छाबड़ा, सीआई विजेन्द्र सिल्ला आदि भी मौके पर पहुंचे व श्रमिकों को समझाइश का प्रयास किया। एक घंटे की मशक्कत के बाद श्रमिक मान गए व पेड़ से नीचे उतर गए।

ये रखी मांगें
श्रमिकों ने रामबाग, चक ३ आरबीएम, राणीसर, गैर आबाद अरजनसर आदि में मनरेगा के तहत हुए सभी कार्यों की निष्पक्ष जांच करवाने, ग्रामसेवक को हटाने, पंचायत में निजी व्यक्तियों का हस्तक्षेप बन्द करने आदि की मांगे रखी। विकास अधिकारी ने कार्यों की जांच का भरोसा दिलाया। मौके पर सरपंच प्रतिनिधि हरिराम शर्मा व ग्रामसेवक अविनाश ने बताया कि श्रमिकों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है। राणीसर, गैर आबाद अरजनसर व खाळे पर किसी कार्य की स्वीकृति ही नहीं है। नीचे उतरने के बाद दोनों श्रमिकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

बड़ी खबरें

View All

बीकानेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग