
Yoga Tips
बारिश के मौसम में शरीर को फिट रखने के लिए कुछ योगासन करना जरूरी हैं। योग विशेषज्ञ से जानते हैं कि कौन से योगासन हैं जिनको करने से सेहत को काफी फायदा होता है।
शीतली प्राणायम
शीतली प्राणायम शरीर को ठंडा रखने के साथ मन को शांत रखता है। इससे तंत्रिका तंत्र के काम करने की क्षमता ठीक रहती है। नियमित करने से पाचनतंत्र ठीक रहता है। भूख नियंत्रित होती है। रक्तचाप और उदर की अम्लता को कम करने में भी मददगार है।
सावधानी : लो ब्लड प्रेशर के साथ अस्थमा, ब्रोंकाइटिस है तो इस प्राणायाम का अभ्यास न करें। हृदय रोगी इसको करते वक्त सांस नहीं रोकें। लंबे समय से कब्ज है तो इसे करने से बचें।
मत्स्यासन
इस आसन को 3 से 4 बार करना चाहिए। उदर, दमा, कमरदर्द, थायरॉइड, मधुमेह, श्वांस रोगों में आराम मिलता है। गर्भाशय, जननांगो में होने वाली तकलीफ से बचाता है। पेट तथा गर्दन की चर्बी को कम करता है।
सावधानी : घुटनों में दर्द, उच्च रक्तचाप, स्लिप डिस्क, रीढ़, छाती व गले में दर्द के साथ माइग्रेन और अनिद्रा है तो इसे न करें। किसी बीमारी की दवा चल रही है तो योग विशेषज्ञ से एक बार सलाह
जरूर ले लें।
हस्तपादासन
इस आसन के नियमित करने से मोटापा नियंत्रित होता है। पेट व पाचन तंत्र सही रहने के साथ शरीर सुडौल होने के साथ मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर में कसावट आने के साथ त्वचा की सुंदरता बढ़ती है। दिन में कम से कम पांच से छह बार हस्तपादासन का अभ्यास कर सकते हैं।
सावधानी : जिनका रीढ़ का ऑपरेशन हुआ है या स्पाइन के साथ हर्निया, हृदय, उच्च रक्तचाप, अल्सर संबंधी रोगी को नहीं करना चाहिए। ऐसे लोग जिन्हें चक्कर आते हैं वे इसे बिना योग विशेषज्ञ के न करें।
भुजंग आसन
भुजंग आसन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। सीने, फेफड़े, कंधों और पेट में खिंचाव आता है। इसको नियमित करने से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। तनाव और थकान में फायदेमंद है। अस्थमा के रोगी इसे नियमित करें तो उन्हें काफी लाभ मिल सकता है।
सावधानी : पीठ का पुराना दर्द, सिरदर्द है तो इसे न करें। ब्रेन सर्जरी वाले मरीज बिना डॉक्टरी सलाह के न करें। इससे परेशानी बढ़ सकती है।
कोई भी योगासन योग विशेषज्ञ के निर्देशन में करें। योग का सही तरीका और समय के साथ आपको कितनी जरूरत है, यह जानने के बाद करें।
उमेश शर्मा, योग विशेषज्ञ
Published on:
06 Jul 2018 12:10 pm
