बदल गए है टू-व्हीलर इंश्योरेंस के नियम, अब चुकाने होंगे इतने पैसे

जब गाड़ी से कोई एक्सीडेंट होता है तो कई बार इसमें बीमा कराने वाला व बीमा कंपनी के अलावा एक तीसरा पक्ष भी इससे प्रभावित होता है

By: Pragati Bajpai

Published: 19 Jan 2019, 02:41 PM IST

नई दिल्ली: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने टू-व्हीलर्स इंश्योरेंस से रिलेटेड रूल्स बदल दिये हैं। अब कार या टू-व्हीलर्स खरीदते समय ही 3 या 5 साल के लॉन्ग टर्म थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को लेना अनिवार्य हो चुका है। यानि अब वाहन खरीदते समय खरीदारों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। इसीलिए आज हम आपको अपनी थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होता है बताने के साथ ये भी बताएंगे कि नई गाड़ी खरीदते समय आपको कितने रुपये देने होंगे। साथ ही आप शिकायत कैसे कर सकते हैं।

थर्ड पार्टी क्या होता है:

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि यह थर्ड पार्टी के बीमा से संबंधित है। जब गाड़ी से कोई एक्सीडेंट होता है तो कई बार इसमें बीमा कराने वाला व बीमा कंपनी के अलावा एक तीसरा पक्ष भी इससे प्रभावित होता है। यह प्रावधान इसी तीसरे पक्ष यानी थर्ड पार्टी के दायित्वों को पूरा करने के लिए बनाया गया है।

बाइक के लिए कितना देना होगा प्रीमियम-

  • 75 cc इंजन तक की बाइक के लिए 1045 रुपये देने पड़ेंगे।
  • 75 से 150 cc इंजन वाली बाइक के लिए 3285 रुपये देने पड़ेंगे।
  • 150 से 350 cc इंजन वाली बाइक के लिए 13034 रुपये देने पड़ेंगे।
  • यहां जानने लायक बात ये है कि फोर- व्हीलर के लिए जहां इंश्योरेंस तीन साल का है, वहीं टू-व्हीलर के लिए यह 5 सालों का है।

अगर आपको पॉलिसी से रिलेटेड किसी फ्रॉड की शिकायत करनी है तो आप इरडा में शिकायत कर सकते हैं। सबसे पहले आपको बीमा कंपनी के शिकायत निवारण अधिकारी से संपर्क जरूर करना चाहिए। वहां से हल न मिलने पर आप इरडा के टोल फ्री नंबर - 155255 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा डॉक्युमेंट्स के साथ इरडा की email id - [email protected] पर भी शिकायत भेज सकते हैं। और अगर फिर भी समस्या का समाधान न मिले तो तो आप बीमा लोकपाल तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं।

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