
Bilaspur News: कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय में पदस्थ दो रीडरों को निलंबित कर दिया है। कर्मचारियों के खिलाफ राजस्व प्रकरणों के निपटारे में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था। डायवर्सन नहीं होने पर शहर में रहने वाली एक महिला की याचिका पर हाईकोर्ट ने राजस्व अधिकारियों को तलब किया था।
रविवार को एडीएम शिव कुमार बनर्जी ने तहसील कार्यालय में जांच करने के बाद रिपोर्ट कलेक्टर अवनीश शरण को सौंपी थी, जिसपर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एसडीएम बिलासपुर ने समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। तीनों कार्रवाई हाईकोर्ट में लंबित एक मामले की सुनवाई के बाद कलेक्टर और एसडीएम को तलब करने के बाद किया गया है।
कलेक्टर अवनीश शरण ने बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर समीर कुमार तिवारी और तखतपुर एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर निर्मल शुक्ला को निलंबित कर दिया है। दोनों के ऊपर राजस्व प्रकरणों में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। कलेक्टर बिलासपुर ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम-9 के तहत किया है।
इस निलंबन अवधि में समीर कुमार तिवारी और निर्मल शुक्ला दोनों का मुख्यालय तहसील कार्यालय पचपेड़ी नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। इधर एसडीएम बिलासपुर ने पटवारी हल्का नंबर 41 सिरगिट्टी के पटवारी विजय भारत साहू को निलंबित कर दिया है। साहू पर यह कार्रवाई तय समय में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने के कारण की गई है। निलंबन अवधि के दौरान साहू बेलतरा में अपनी सेवा देंगे।
यह था मामला
एसडीएम और तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर रोहनी दुबे ने अपने अधिवक्ता राजीव दूबे के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि तहसील कार्यालय में बिना पैसों के कुछ काम नहीं होता। तहसीलदार और एसडीएम की नाक के नीचे जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। जमीन से सबंधित किसी भी कागजी कार्रवाई के लिए खुलेआम पैसे की मांग की जाती है।
याचिका में आरोप लगाया गया है की तहसीलदार और एसडीएम के कार्यालय में बिना पैसा दिए डायवर्सन, नामांतरण, सीमांकन, जाति निवास, आमदनी प्रमाणपत्र बनाने का काम हो या फौती उठाने का काम हो बिना पैसे लिए नही किए जा रहे हैं। पूरे मामले पर हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के डिविजन बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर कलेक्टर को व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ 27 फरवरी की सुनवाई में उपस्थित रहने के लिए कहा है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कलेक्टर के डायवर्सन से संबंधित केसों का स्टेट्स रिपोर्ट भी पेश करें। हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा के डिविजन बेंच ने बिलासपुर एसडीएम को भी तलब किया है।
Published on:
27 Feb 2024 01:37 pm
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