
बिलासपुर. काम की तलाश में अब तक जिले से 2372 श्रमिक पलायन कर चुके हैं। अधिकांश मजदूर उत्तर प्रदेश, गुजरात के ईंट भट्ठों में मजदूरी करने गए हैं। पलायन करने वाले सभी मजदूर पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से गए हैं।
जिले के श्रम विभाग में इन दिनों मजदूरों को दूसरे राज्य लेकर जाने वाले ठेकेदारों की संख्या दोगुनी हो गई है। अभी तक ऐसे 84 ठेकेदारों ने श्रम विभाग में पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष पंजीयन कराने वाले ठेकेदारों की संख्या 44 थी।
इन मजदूरों को दीगर राज्यों में काम पर ले जाने के पहले पंजीकृत ठेकेदार को श्रमिकों की तरफ से शपथ पत्र देना अनिवार्य है। इसमें श्रमिकों के जाने-आने का किराया, भोजन, स्वास्थ्य, न्यूनतम वेतन, महिला, पुरुष को समान वेतन एवं ले जाने वाले मजदूरों के परिवार का पूरा पता, सरपंच से प्रमाणित सूची दी जा रही है।
पंजीयन व सुरक्षा निधि जरूरी
श्रम विभाग में 20 श्रमिक तक पंजीयन शुल्क 60 रुपए निर्धारित है। 20-50 श्रमिक पर सौ रुपए, 100-200 मजदूर पर 4 सौ रुपए , 201 से 400 श्रमिक पर 8 सौ रुपए एवं 4 सौ से अधिक मजदूर पर 15 सौ रुपए सुरक्षा निधि जमा करना जरूरी है। मजदूरों के वापस सुरक्षित आने पर यह राशि ठेकेदारों को वापसी योग्य है।
ऑनलाइन पंजीयन
ठेकेदारों का पंजीयन ऑनलाइन करने का प्रावधान है। 20 श्रमिकों के लायसेंस बनवाने का औसतन खर्च दस हजार रुपए है। इसके साथ ही जिस राज्य में मजदूर जा रहे हैं उस राज्य के श्रम विभाग में मजदूरों की सूची देना जरूरी है। पांच या उससे अधिक श्रमिक बाहर ले जाने पर पंजीयन आवश्यक है।
2374 मजदूर दूसरे राज्य गए
जिले के 2374श्रमिक काम की तलाश में अब तक बाहर चले गए हैं। ये श्रमिक गुजरात, उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठों में काम करने पंजीकृत ठेकेदार लेकर गए हैं।
-ज्योति शर्मा, सहायक श्रम आयुक्त,बिलासपुर
Published on:
16 Oct 2020 06:38 pm
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