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Bilaspur High Court: परीक्षा देना अधिकार नहीं, प्रक्रिया रद्द करना सरकार का हक, याचिकाएं खारिज, जानें मामला

High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि केवल किसी परीक्षा में शामिल हो जाने मात्र से अभ्यर्थियों को नियुक्ति पाने या परिणाम घोषित करवाने का कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होता।
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बिलासपुर

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Khyati Parihar

•

Updated: 4 Apr 2026, 2:43 PM IST

हाईकोर्ट (photo-patrika)

हाईकोर्ट (photo-patrika)

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल परीक्षा में शामिल होने मात्र से किसी भी आवेदक को नियुक्ति पाने या परिणाम घोषित करवाने का कोई कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होता। अगर चयन प्रक्रिया के बीच में सरकार को पता चलता है कि नियम वैधानिक प्रावधानों के खिलाफ हैं, तो वह पूरी प्रक्रिया को कभी भी रद्द कर सकती है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में असिस्टेंट ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत अचिंता भौमिक, उत्तम यादव, पूनम केरकेट्टा, संजय मनवानी, संदीप कुमार मरकाम सहित अन्य कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थी। इसमें बताया कि विभाग ने इंस्पेक्टर, विधिक माप विज्ञान के पद पर पदोन्नति के लिए विभागीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पहले सामान्य स्नातकों को पात्र माना, लेकिन बाद में परीक्षा होने के बाद 20 जनवरी 2023 को पूरी प्रक्रिया ही रद्द कर दी।

पात्र पाने पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया

सभी रिट याचिकाओं में कानून और तथ्य का एक समान प्रश्न शामिल होने के कारण अधिवक्ताओं की सहमति से हाईकोर्ट ने सभी की एक साथ सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उनकी उम्मीदवारी की विधिवत जांच की गई थी और प्रतिवादी अधिकारियों द्वारा सत्यापित की गई थी। इसके बाद ही उन्हें निरीक्षक के पद पर प्रमोशन के लिए विभागीय पदोन्नति परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी गई थी।

परीक्षा के बाद रोक दी चयन प्रक्रिया

याचिकाकर्ताओं ने 17 दिसंबर 2022 को आयोजित परीक्षा में भाग लिया। हालांकि, बाद में और परिणाम घोषित किए बिना, पूरी भर्ती-पदोन्नति प्रक्रिया रोक दी गई। कुछ याचिकाकर्ताओं को उक्त विभागीय परीक्षा में भाग लेने के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया गया।सभी याचिकाकर्ताओं की मुख्य शिकायत निरीक्षक (कानूनी मापन) के पद के लिए विभागीय पदोन्नति प्रतियोगी परीक्षा को रद्द करने के विरुद्ध है।

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