सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क रीपा का शुभारंभ 2 अक्टूबर 2022 को किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई रोजगार मूलक प्रशिक्षण केन्द्र खोलने समेत कई योजनाएं शामिल थी। प्रोजेक्ट के तहत कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत करगीकला में 2 करोड़ की लागत से रीपा का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। ग्राम पंचायत ने यह काम गांव के एक कांग्रेस नेता और जनपद सदस्य को दिया था। दोनों नेता निर्माण कार्य को मिलकर कर रहे थे। रविवार को कोटा क्षेत्र में तेज हवा चलने के साथ ही प्रशिक्षण केन्द्र का शेड उड़कर धराशायी हो गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन और गृहग्राम
जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान का गृहग्राम और निर्वाचन क्षेत्र ग्राम पंचायत करगीकला है। शासन की महत्वपूर्ण योजना का काम भी नेताओं के दम पर यहां के कांग्रेस नेताओं को पंचायत के माध्यम से दिया गया था। इससे स्पष्ट है कि नेता अब नेतागीरी के साथ ठेकेदारी भी कर रहे हैं।इतना ही नहीं प्रदेश के मुखिया के ड्रीम प्रोजेक्ट को भी पलीता लगा रहे हैं।
भवन में लगाया डूप्लीकेट सामान
घटना के बाद ग्राम पंचायत करीकला पहुंची पत्रिका की टीम को यहां लगाए गए उपकरण भी डूप्लीकेट मिले। इसमें बिजली उपकरण कूलर, वायर, स्वीच और अन्य उपकरण भी गुणवत्ताहीन थे।
शेड में लगा लोहे का एंगल और टीन भी गुणवत्ताहीन
रीपा प्रशिक्षण केन्द्र में लगाए गए शेड और लोहे के एंगल भी गुणवत्ताहीन थे। हल्की हवा के झोंके के कारण यह उड़कर गिर गया। गिरते ही लोगों के एंगल मुड़ गए और टीन का शेड़ भी मुड़कर क्षतिग्रस्त हो गया।
निर्माण कार्य कांग्रेस नेताओं द्वारा किया जा रहा था। इस काम की मॉनिटिरंग के लिए कभी-कभी महिला इंजीनियर यहां आती थीं।
सूरज ध्रुव
सरपंच , ग्राम पंचायत करगीकला
करगीकला गांव में रीपा के तहत बने प्रशिक्षण केन्द्र की शेड़ गिरने और नवनिर्मित भवन के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पीयूष तिवारी
सीईओ, जनपद पंचायत कोटा
इस संबंध में मैंने जानकारीली है। रीपा प्रभारी और जनपद सीईओ को निर्माण को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़े कामों में कोई लापरवाही करता है और योजना को पलीता लगाता है तो एजेंसी और व्यक्ति कोई भी हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कोटा ब्लॉक या जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में होनी चाहिए।
अरूण सिंह चौहान
अध्यक्ष जिला पंचायत