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बिलासपुर

जनवरी 2021 के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी लगने वालों का फिर से होगा मेडिकल बोर्ड से परीक्षण

बिलासपुर. प्रदेश में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के बूते नौकरी करने वाले 18 लोगों के खिलाफ हाईकोर्ट में लंबित मामले को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग सर्तक हो गया है। प्रदेश स्तर पर फरमान जारी करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव एसके सिंह ने 1 जनवरी 2019 के बाद दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी लगने वालों के मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने कहा है। आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जिले में पदस्थ 2 दिव्यांग कर्मचारियों का परीक्षण कराया है।

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सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव एसके सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन सेवा संघ ने हाईकोर्ट में समेत प्रदेश शासन व अन्य 14 समेत प्रदेश में कार्यरत 18 अधिकारियों पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी लगाने का आरोप लगाया है। मामलेा कोर्ट में लंबित है। |कोर्ट में लंबित मामले को लेकर विभाग ने यह निर्णय लियाहै कि संबंधित व्यक्तों के विभाग द्वारा दिव्यांगता की पुष्टि के लिए फिर से मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाए। इसके लिए सभी 18 शासकीय सेवकों के मूल विभाग और आयुक्त स्वास्थ्य सेवाओं को पत्र भेजा जाए।इसके साथ ही 1 जनवरी 2019 के बाद प्रदेश में नियुक्त हुए शसकीय सेवाकों में से दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत रहनेवाले कर्मचारियों के शारीरिक परीक्षण कराया जाए। दिव्यांग प्रमाण पत्रों की नियमानुसार मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्रों समेत संबंधितों का परीक्षण कराया जाए।

शिकायत पर जांच के निर्देश

अवर सचिव ने आदेश में कहा है कि प्रत्येक विभाग के कार्यालयों में कार्यरत शासकीय सेवक जिनके खिलाफ फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्त होने की शिकायत मिली है उन मामलों में नियमानुसार प्रमाण पत्रों की जांच और सत्यापन समेत मेडिकल जांच कराने के साथ मुख्यालय को सूचना भेजा जाए।

भर्ती के लिए यूडीआईडी कार्ड अनिवार्यआदेश में अवर सचिव ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा दिव्यांगता पहचान पत्र यूडीआईडी परियोजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत दिव्यांगजनों को ऑनलाइन दिव्यांगता प्रमाण पत्र यानि यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड बनाया जा रहा है। भविष्य में सभी शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं, सरकारी सेवाओं में भर्ती के लिए यूडीआईडी कार्ड को अनिवार्य किया जाता है।

खुद भरना होगा सत्यापन फार्म

शासकीयसेवा में नियुक्ति के पहले संबंधित मेडिकल बोउर् से दिव्यांग प्रमाण पत्र का परीक्षण कर आवेदन दिव्यांगजन को खुद सत्यापन फार्म भरना होगा। जांच में दिव्यांगप्रमाण फर्जी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ बर्खास्गी की प्रक्रिया के लिए विभाग से सहमति लेकर समाज कल्याण विभाग इसके लिए दिशा निर्देश जारी करेंगे।

जिले में 2 कर्मचारियों की कराई जांच

आदेश के बाद जिले में 2 दिव्यांग कर्मचारियों की जांच कराई गई है। दोनों की जांच और सत्यापन रिपोर्ट मुख्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दी है। साथ ही जिले के सरकारी कार्यालयों में पदस्थ दिव्यांग कर्मचारियों की नियुक्ति जनवरी 2019 और इसके बाद नियुक्त होने वाले दिव्यांग कर्मचारियों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं।

शासन के आदेश के बाद दिव्यांग अधिकारी और कर्मचारियों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। उनके दस्तावेजों के सत्यापन और जांच के निर्देश दिए गएहैं। अब तक 2 अधिकारी और कर्मचारियों कापरीक्षण कराने के बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है।

राम अघारी कुरूवंशी

अतिरिक्त कलेक्टर,बिलासपुर