
CG Health News: संभाग में हर 100 में से 10 बच्चे कोे अस्थमा, युवा-वृद्ध भी शिकार
बिलासपुर। CG News: संभाग में हर 100 में से 10 बच्चे अस्थमा से ग्रसित हो रहे हैं। इसके साथ ही युवा और वृद्धों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। लगातार अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। आमतौर पर ठंडी हवा भारी होने से प्रदूषक तत्वों को दूर तक नहीं ले जा पाती और शरीर में सांस के साथ ज्यादा मात्रा में इसके कण घुस जाते हैं। सर्दियों में हवा की गति कम होने के कारण लगातर प्रदूषण का ग्राफ बढ़ रहा है।
सर्दी में हवा की गति पर ब्रेक, बढ़ रहा वायु प्रदूषण का ग्राफ
हर मौसम में प्रदूषण का स्तर और तरीका बदल जाता है। हवा में प्रदूषण घुला तो लोगों की तबीयत भी बिगड़ने लगती है।
मंगलवार को शहर की हवा की गुणवत्ता एक्यूआई 136 थी। जबकि 31 अक्टूबर को 135 थी। सर्दी में हवा की तबीयत बिगड़ने का कारण ठंडी हवा भारी होना और गर्मी के मौसम की तुलना में धीमी गति से चलना है। इसका मतलब है कि ठंडी हवा प्रदूषण को दूर नहीं ले जाती है। इस वजह से प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है।
सर्द मौसम में वायु प्रदूषण लंबे समय तक बना रहता है। इसलिए गर्मी की तुलना में यह प्रदूषण सांस के साथ शरीर में ज्यादा मात्रा में घुस जाता है। इस समय गले की खराश, सर्दी-जुकाम और वायरल का दौर जारी है। वहीं वायरल फिवर के मरीज भी लगातार बढ़ रहे हैं। संभाग के सरकारी और निजी अस्पतालों में अब तक पहुंचने वाले दमा के मरीजों में 100 में से 10 बच्चे शामिल हैं। इसके साथ ही हर 250 युवा और वृद्धों में 30 मरीज दमा से ग्रसित पाए गए हैं।
एंटिबायोटिक का अधिक प्रयोग खतरनाक
नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ.प्रमोद महाजन ने बताया कि कई मरीजों को 7 से 8 दिनों तक खांसी आना, नाक से पानी बहने जैसी समस्या होती है। वह मेडिकल से सीधे दवा लेकर उपचार करते हैं। ठीक नहीं होने पर दूसरे से तीसरे हफ्ते अस्पताल पहुंचते हैं। एंटिबायोटिक का अधिक प्रयोग खतरनाक हो सकता है। मरीज को डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज लेना चाहिए।
बुधवार को शहर की वायु गुणवत्ता
एक्यूआई 136
पीएम 2.5 50
पीएम 10 198
एसओ2 03
सीओ 118
एनओ2 0 2
Updated on:
2 Nov 2023, 3:58 PM IST
Published on:
2 Nov 2023, 3:58 PM IST
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