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सीपेज का कारण जाना तो जिला अस्पताल की छत में मिली गंदगी और पानी जमा 

कलेक्टर ने सिविल सर्जन को जल्द से जल्द मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार ड्राइंग डिजाई पीडब्ल्यूडी को देने और ईई को जल्द निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए

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Kajal Kiran Kashyap

Nov 04, 2016

jila hospital

jila hospital

बिलासपुर. कलेक्टर अंबलगन पी ने गुरुवार सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल के लैब व अन्य जगहों में आने वाले सीपेज को देखकर पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिया कि वह सीपेज की समस्या को खत्म करें।



कलेक्टर के जाने के बाद जब ईई ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो पाया कि अस्पताल की छत में पुराने फर्नीचर, व अन्य समानों का कबाडख़ाना बना है। उससे छत के ऊपर टंकी का पानी ओव्हर फ्फ्लो होकर भर जा रहा है और उसी से सीपेज पूरी बिल्डिंग में पहुंच रहा है। ईई का कहना है कि सीपेज का सबसे बड़ा कारण पाइप लाइन जाम होना है, लेकिन छत में जलभराव से भी कापी सीपेज हो रहा है।





कलेक्टर के पहुंचते ही रेडक्रास सोसायटी के प्रभारी डॉ. एमए जिवानी, सिविल सर्जन, डॉ. एसएस बाजपेयी, पीडब्ल्यूडी के ईई एम प्रसाद, एसडीओ व सब इंजीनियर पहुंच गए। सबसे पहले कलेक्टर ने रेडक्रास मेडिकल स्टोर के लिए जगह परिवर्तन का स्थान देखा। बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने पहले मेडिकल स्टोर के लिए गार्डन में जगह चयनित किया था, लेकिन वहां राहुल वाजपेयी द्वारा उसकी जमीन होने का दावा करने के बाद वहां से हटाकर उसे साइकिल स्टैंड के पास बनाया जा रहा है।




कलेक्टर ने सिविल सर्जन व एसडीएम को निर्देशित किया कि वह सही तरीके से जमीन की नापजोख करें और यह बताएं कि जिला अस्पताल परिसर के अंदर राहुल बाजपेयी की जमीन कैसे आई या उनकी जमीन कहां तक है। इसके बाद कलेक्टर ने अस्पताल के सभी वार्डों और लैब आदि का निरीक्षण किया।




मशीन को सुधारने का दिया निर्देश : जिला अस्पताल में सालों से सी आर्म मशीन, मेमोग्राफी और आटो एनलाइजर मशीन खराब पड़ी है। कलेक्टर ने इन सभी मशीन में कितना खर्च आएगा किसी अच्छे इंजीनियर को दिखाएं और उसे सुधरवाकर उसका उपयोग करें। कलेक्टर ने कहा कि प्राईवेट अस्पतालों में मशीनों पूरा सदुपयोग होता है, लेकिन शासकीय अस्पताल में महज कुछ कमीशन के चलते महंगी से महंगी मशीन को छोटी सी खराब होने पर कबाड़ में डाल दिया जाता है।





मशीनों से अधिक कवर की हिफाजत : निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लैब के बगल से बन रहे एक रूम में मशीन के साथ आने वाला कागज का कवर बॉक्स रखा हुआ देखा। उन्होंने कहा कि यह कवर किसी काम नहीं आने वाले तो फिर इसे रूम में क्यों रखा गया है। उन्होंने कहा इतनी हिफाजत मशीन की होती तो वह जल्द खराब नहीं होगी।




जी प्लस टू भवन जल्द बनाने का निर्देश : सिविल सर्जन ने कलेक्टर से कहा कि उन्होंने पीछे बनाए जाने वाले जी प्लस टू भवन का पैसा पीडब्ल्यूडी को दे दिया है, लेकिन उसका निर्माण शुरू नहीं हुआ। इस पर ईई ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब तक कोई ड्राइंग डिजाइन ही नहीं दी गई, तो निर्माण कैसे होगा। कलेक्टर ने सिविल सर्जन को जल्द से जल्द मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार ड्राइंग डिजाई पीडब्ल्यूडी को देने और ईई को जल्द निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए।




डॉक्टर नदारद, महिला ने की शिकायत : अग्रसेन चौक निवासी अंजुम (50) वायरल फीवर होने के चलते अपना इलाज कराने गुरुवार सुबह जिला अस्पताल पहुंची थी। जनरल मेडिसिन की ओपीडी नंबर तीन में जब ढाई घंटे तक कोई डॉक्टर इलाज के लिए नहीं पहुंचा तो महिला ने इसकी शिकायत निरीक्षण के लिए पहुंचे कलेक्टर से की। कलेक्टर ने सिविल सर्जन पर नाराजगी जाहिर की, जिसके बाद वहां दूसरे डॉक्टर को ड्यूटी में बिठाकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई।




जल्द सुधारने के दिए हैं निर्देश : अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सीपेज, मशीन की खराबी, रेडक्रास मेडिकल स्टोर सहित कई समस्याएं मिलीं है। उन्हें जल्द से जल्द सुधारने व दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अंबलगन पी, कलेक्टर



निरीक्षण किया गया है : मैंने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें पता चला कि छत के ऊपर कई सालों का कबाड़ पड़ा होने से वहां जल भराव हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन को वहां की सफाई कराना चाहिए, जिससे सीपेज से कुछ हद तक निजात मिलेगी।
-एम प्रसाद, कार्यपालन अभियंता, पीडब्ल्यूडी