इन दवाइयों के सेवन से नसबंदी कराने वाली महिलाओं के अलावा अन्य मरीज भी बीमार पडे़ थे। इसके साथ ही महिलाओं के ऑपरेशन के 24 से 48 घंटे के बीच खाद्य पदार्थ, दवा का सेवन, भोजन करना, पानी में विषैला तत्व होने की ओर भी इंगित किया गया। नसबंदी मामले राज्य शासन की तरफ से बनाए गए नोडल अधिकारी व जिले के सीएमएचओ डॉ. सूर्यप्रकाश सक्सेना भी उपस्थित रहे।