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अवैध तरीके से हो रहा था ब्लड का कारोबार, औषधि प्रशासन ने मारा छापा

ब्लड बैग के अवैध भंडारण से यहां ब्लड के अवैध कारोबार की आशंका जताई जा रही है।
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बिलासपुर

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Anil Kumar Srivas

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Updated: 7 Dec 2017, 11:34 AM IST

Raid

बिलासपुर . शहर में लंबे समय से ब्लड के अवैध कारोबार की खबरें मिलती रही हैं। बुधवार को औषधि प्रशासन की टीम ने जरहाभाठा-तालापारा रोड स्थित कुम्हारपारा में छापेमारी कर यहां एक शटर वाली दुकान (कोई बोर्ड नहीं लगा) से 28 कार्टन ब्लड बैग जब्त किए है। यह अवैध रूप से भंडारण करके रखा गया था। क्योंकि यह बैग लाइसेंसी ब्लड बैंक या लाइसेंसधारी एजेंसी ही रख सकती है। इसके अलावा कोई और इस ब्लड बैग का कारोबार या भंडारण नहीं कर सकता।
जरहाभाठा बना ठिकाना : शहर में नशीली दवाओं के कारोबार का जाल फैला हुआ है। इस क्षेत्र में पुलिस गाहेबगाहे कार्रवाई करती रही है। हालांकि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुडे़ सरगनाओं तक पहुंचने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। इस धंघे से जुडे़ छोटे मोटे लोग ही पकड़ में आते रहे हैं। अब ब्लड बैग के अवैध भंडारण से यहां ब्लड के अवैध कारोबार की आशंका जताई जा रही है।

पांच घंटे चली कार्रवाई : औषधि निरीक्षक सोनम जैन के नेतृत्व में छापेमारी की गई। जांच, जब्ती व पूछताछ की कार्रवाई लगभग 5 घंटे तक चली। इस टीम में औषधि निरीक्षक पीयूष जायसवाल, चंद्रकला ठाकुर, धर्मवीर सिंह एवं नमूना सहायक फणीभूषण जायसवाल शामिल थे।
पहली बार इतनी मात्रा में जब्ती : पहली बार शहर में इतनी मात्रा में अवैध ब्लड बैग जब्त किए गए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ब्लड का अवैध कारोबार चल रहा है। हालांकि मामले में जांच जारी है।
ये है संस्थान का मालिक : छापेमारी के दौरान मौके पर सेल्समैन अनिल नायर मिला। उसने जांच टीम को बताया कि उसका मालिक विक्रम गंभीर है। जांच के दौरान विक्रम मौजूद नहीं था।

IMAGE CREDIT: patrika

दर्ज हो सकता है आपराधिक प्रकरण : इस मामले में विक्रम गंभीर व अनिल नायर के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है।
28 कार्टन जब्त : कुम्हारपारा रोड की एक दुकान से 28 कार्टन ब्लड बैग जब्त किया गया है। जिस व्यक्ति के पास से यह जब्त किया गया है, उसके पास किसी प्रकार का लाइासेंस नहीं है। मामले की जांच जारी है।
- सोनम जैन, औषधि निरीक्षक।