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दावेदारों के नाम फाइनल करने में जुटी बसपा, लखनऊ पहुंचे दावेदार

35 सीटों के लिए आरक्षित एवं सामान्य सीटों पर अलग-अलग रणनीति के तहत उम्मीदवारों की सूची को लखनऊ में अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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दावेदारों के नाम फाइनल करने में जुटी बसपा, लखनऊ पहुंचे दावेदार

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में पहली बार जकांछ से गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतर रही बहुजन समाज पार्टी ने अब अपने कोटे की सीटों पर उम्मीदवार चयन करने के पैमाने में बदलाव किया है। सामान्य सीटों पर मजबूत उम्मीदवार आयातित करने की योजना पर कार्य हो रहा है, वहीं आरक्षित सीटों पर जातीय अंकगणित के मुताबिक प्रत्याशियों की छंटनी हो रही है। जकांछ से गठबंधन के बाद बसपा अब प्रत्याशियों की सूची में फेरबदल कर रही है। जिन सीटों पर कांग्रेस- भाजपा के दिग्गज नेता उम्मीदवार हैं, वहां उनकी टक्कर के प्रत्याशी की तलाश हो रही है। 35 सीटों के लिए आरक्षित एवं सामान्य सीटों पर अलग-अलग रणनीति के तहत उम्मीदवारों की सूची को लखनऊ में अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सूची कब घोषित होगी, यह बता पाना अभी प्रभारियों के लिए भी मुश्किल है। बताया जा रहा है कि सभी विधानसभाओं में उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर पार्टी हाईकमान को सौंप दिया गया है। कुछ नामों को परिवर्तन करने के बाद पार्टी उसे हरी झंडी दे देगी। सूत्रों के अनुसार पार्टी कुछ ऐसे उम्मीदवार तलाश रही हैं, जिनका अपना जनाधार भी हो और वे पार्टी को भी मजबूती दे सकें। बसपा के पास अंबिकापुर, चंद्रपुर, जैसी सीटें भी हैं जो वर्तमान में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों के पास है। ऐसे में युद्धवीर सिंह जूदेव व टीएस सिंह देव के सामने उम्मीदवार देने में बसपा भी फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
लखनऊ में डेरा जमाए हैं दावेदार : बहुजन समाज पार्टी भले राज्य में मजबूत पकड़ बताकर जकांछ के साथ सरकार बनाने का दावा कर रही हो, पर उसका केंद्र अभी छत्तीसगढ़ से बाहर ही है। सभी निर्णयों पर मुहर लखनऊ से ही लगती है। सीटों का निर्धारण हो जाने के बाद कुछ दावेदार इन दिनों क्षेत्र छोड़कर लखनऊ में ही डेरा
डाले हुए हैं।

जकांछ ने जिनकी टिकट काटी अब उन्हें बसपा से टिकट मांगने की दी जा रही सलाह : जनता कांग्रेस ने अपने सात प्रत्याशियों की टिकट काट दी है। अब उन लोगों को बसपा से टिकट मांगने की सलाह दी जा रही है। इधर बसपा अपने सीटों पर अपने ही प्रत्याशियों को उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसी स्थिति में जिनकी टिकट काट दी गई, मंझधार में फंस गए हैं। कांग्रेस व भाजपा से नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर जनता कांग्रेस का हाथ थामा। पार्टी से टिकट मिलने के आश्वासन पर क्षेत्र में सक्रिय होकर काम करने लगे थे। दावेदारों को टिकट भी दे दी गई। पार्टी के साथ अपना नाम जोड़कर प्रचार प्रसार शुरू कर दिया गया। लेकिन ऐन चुनाव के समय दावेदारों के नाम काटकर उनकी सीट बसपा की झोली में डाल दी गई। जनता कांग्रेस ने जिनकी टिकट काटी है, उनकी बात सुनना तो दूर अब फोन रिसीव करना भी बंद कर दिया है। जनता कांग्रेस से टिकट काटे गए एक प्रत्याशी ने बताया, अब हमें पार्टी (जनता कांग्रेस) के लोगों द्वारा ये कहा जा रहा है कि अब आप लोग बसपा से टिकट मांग लो। अगर वे आपकी सीट से आपको टिकट देना चाहते हैं तो चुनाव लड़ लीजिए।

बह रही बगावत की बयार : प्रदेश के सात विधान सभा प्रत्याशियों कीटिकट काटकर सीट के बसपा को दे दी गई है। वहां कार्यकर्ताओं द्वारा भारी विरोध किया जा रहा है। हर जगह प्रत्याशी बैठक कर अपने कार्यकर्ताओं से इस विषय में चर्चा कर रहे हैं कि जनता कांग्रेस का साथ छोड़कर दूसरा पार्टी ज्वाइन कर लें। दूसरी पार्टी में जाने से फायदा नुकसान पर भी विचार चल रहा है। हालांकि इस बगावत को शांत करने के लिए जनता कांग्रेस द्वारा मान मनौव्वल भी की जा रही है।