
बिलासपुर. पीएमश्री योजना के तहत जिले में 8 स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों का कायाकल्प करके सीबीएसई व स्वामी आत्मानंद स्कूल की तर्ज पर बनाया जाएगा। इधर अब तक केंद्र द्वारा बजट की स्वीकृति नहीं दी गई है, जबकि 6 माह पहले बजट संबंधी बैठक ली गई थी। इसके चलते ही काम शुरू नहीं किया गया है। योजना ठंडे बस्ते में चली गई है।
समग्र शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीएमश्री स्कूलों के लिए प्रदेश के 288 स्कूलों का नाम फाइनल करके केंद्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय को भेजा था। इस योजना के लिए केंद्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय ने प्रदेश के 211 व जिले के 8 स्कूलों पर मुहर लगाई थी। वहीं स्कूलों को सर्व सुविधायुक्त बनाने के लिए कितना पैसा खर्च होगा। किस-किस तरह की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और कौन सी चीजों की जरूरत है। इसको ध्यान में रखते हुए, इसका बजट तैयार किया जा रहा था। वहीं स्कूलों में विद्यार्थी को तकनीकि ज्ञान के साथ एऩईपी पर आधारित अनिवार्य पाठ्यक्रम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, बेहतर शिक्षक, लर्निंग आउटकम, वोकेशनल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप की सुविधा मिलेगी। बता दें कि बीते 6 अप्रैल को केंद्रीय मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक थी। इस बैठक में स्कूलों के बजट पर चर्चा की गई थी, पर 6 माह बीत जाने के बाद अब तक बजट की स्वीकृति नहीं हो पाई है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि केंद्र से बजट नहीं आया है। इसलिए अब तक किसी तरह का कार्य शुरू नहीं किया गया है।
जिले के इन स्कूलों का किया गया है चयन
बिल्हा में रामपुर व केसला शासकीय स्कूल, बिलासपुर में खमतराई, बोदरी अचानकपुर, कोटा पोंडी, मल्हार केंवट पारा स्कूल, मस्तूरी कुकुरदी कला, तखतपुर संबलपुरी को शामिल किया गया है। इसके अलावा जीपीएम के गौरेला टोंगीमार, गौरेला साधवानी, मरवाही मटिया डांड मुंगेली से एकलव्य स्कूल बंधवापारा को शामिल किया गया है।
प्राइमरी स्कूलों को बारहवीं तक किया जाएगा अपडेट, कई सुविधाएं मिलेंगी
पीएमश्री योजना में शामिल होने वाले स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तरह ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन होंगे। इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। स्कूलों को विकसित व अपग्रेड करने के लिए केंद्र से अनुदान मिलेगा। इसमें दूर-दराज, ग्रामीण, पिछड़े इलाकों के स्कूली छात्रों को भी महानगरों के बड़े निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित अनिवार्य पाठ्यक्रम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, अच्छे ट्रेनिंग प्राप्त शिक्षक, लर्निंग आउटकम, वोकेशनल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप की सुविधा मिलेगी।
प्रदेश के इन जिलों के इतने स्कूलों को पीएमश्री योजना में किया है शामिल...
बस्तर में 8, बीजापुर में 4, बिलासपुर में 8, धमतरी में 8, दुर्ग में 11, दंतेवाड़ा में 3, कबीरधाम में 5, कोंडागांव में 6, कोरबा में 1, मुंगेली में 5, नारायणपुर में 2, सुकमा में 3, सरगुजा में 11, सूरजपुर में 1, बालोद में 8, बलौदा बाजार में 6, गरियाबंद में 7, जीपीएम में 3, जांजगीर-चापा में 14, जशपुर में 10, कांकेर में 9, कोरिया में 17, महासमुंद में 8, रायगढ़ 10 और राजनांदगांव में 15 स्कूलों का चयन किया गया है।
&पीएमश्री योजना के तहत जिन स्कूलों को शामिल किया गया है, उसके लिए केंद्र से अब तक बजट नहीं मिला है। इस वजह से काम की शुरुआत नहीं हो पाई है। बजट आने के बाद काम शुरू किया जाएगा।
अमित श्रीवास्तव, एटीपी, समग्र शिक्षा
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Updated on:
23 Oct 2023 02:29 pm
Published on:
23 Oct 2023 02:25 pm
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