
Bulldozer Action in CG: मेलापारा में अवैध कब्जे पर नगर निगम का बुलडोजर लगातार चल रहा है। दावा है कि उन्हीं के मकान तोड़े जा रहे हैं, जिन्हें शासन द्वारा पीएम आवास दिया जा चुका है। इधर हकीकत तो ये है कि यहां सालों से निवासरत बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिनका सर्वे रिपोर्ट में नाम आने के बाद भी अभी तक आवास नहीं मिला है। वो भी इस कार्रवाई में पिस रहे हैं।
Bulldozer Action in CG: इन्हीं में एक दिव्यांग महिला चित्ररेखा हैं जो अपने नाती व नातिन की साथ रह रही हैं, इनका मकान भी तोड़फोड़ कार्रवाई के दायरे में हैं। लिहाजा इन्हें यह डर सता रहा है कि बेघर होकर आखिर वो दो बच्चों को लेकर कहां जाएंगी। चांटीडीह मेलापारा में अवैध रूप से रह रहे 1160 लोगों को अशोक नगर में पीएम आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान आवंटित कर दिए गए थे। इसमें से 740 लोग मकान मिलने के बाद भी दोनों जगह कब्जा जमाए रखे थे।
अब तक की कार्रवाई में 710 मकानों को तोड़ा जा चुका है। बचे मकानों को किसी भी दिन ढहा दिया जाएगा। निगम के अधिकारियों का दावा है कि चिंहांकित क्षेत्र के सभी रहवासियों को पीएम आवास योजना के तहत मकान आवंटित किए जा चुके हैं, हकीकत में ये बात सामने आ रही है किया यहां सालों से निवासरत बहुत से लोगों को पीएम आवास मिला ही नहीं है। ऐसे लोगों के मकान टूटने से वे बेघर होकर निगम से रहने की व्यवस्था बनाने गुहार लगा रहे हैं।
Bulldozer Action in CG: जिन्हें पीएम आवास नहीं मिला और निगम की कार्रवाई में पिसने वाले हैं, उनमें मेलापारा की बेहद संकरी गलियों के बीच निवासरत विकलांग चित्ररेखा भी शामिल हैं। निगम की सर्वे सूची में इनका नाम होने के बाद भी, इन्हें अभी तक पीएम आवास नहीं मिला है। 60 वर्षीय चित्ररेखा का कहना है कि उनका एक बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।
Bilaspur Hindi news: उनके दो बच्चों को पास रख कर पालन-पोषण कर रही हैं। दिव्यांग होने के बाद भी लोगों के घरों में बर्तन मांज कर किसी तरह गुजारा कर रही है। उनका कहना है कि सिर छिपाने के लिए उनका यहां एक छोटा सा मकान है, उसे भी तोड़ने कहा जा रहा है। डर लग रहा कि मकान टूटने के बाद वो बच्चों को लेकर कहां जाएगी। लिहाजा रोजाना यहां आने वाले निगम के अधिकारियों से हाथ जोड़ कर गुजारिश कर रही हैं कि ‘साहब… पहले उन्हें रहने के लिए मकान दे दिया जाए, फिर निवासरत् मकान को तोड़ा जाए। ऐसे नहीं होने पर वो कहां जाएगी।’
अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि मेलापारा में 740 लोग पीएम आवास को लेने के बाद भी यहां अवैध कब्जा नहीं छोड़े थे। इन्हें हटने कई बार नोटिस और मुनादी से चेताया गया। ध्यान नहीं देने पर कार्रवाई की जा रही है। जिन्हें पीएम आवास नहीं मिला है, उनका मकान फिलहाल नहीं तोड़ा जाएगा।
मेलापारा में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर पूर्व विधायक शैलेष पांडेय मंगलवार को ऐसे लोगों से मिले जिनके मकान तोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे उनके साथ हैं। इसका कांग्रेस जमकर विरोध करेगी।
Updated on:
26 Jun 2024 06:49 pm
Published on:
26 Jun 2024 06:48 pm
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