
बिलासपुर . बिलासपुर रेलवे स्टेशन में हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस एकाएक रुक गई। पैसेंजरों को थोड़ा झटका लगा, लेकिन यह स्थिति एक बछड़े के अचानक पटरी पर आने से हुई। काफी प्रयास के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने सफाई स्टाफ के साथ मिलकर बछड़े को पटरी से बाहर निकाला। बछड़ा प्लेटफार्म नम्बर एक में ही विचरण करता दिखाई दिया। फोटो में दिखाई दे रहा यह वही बछड़ा है जो प्लेटफार्म नम्बर 1 के पटरी के बीच पहुंच गया, इसकी जान बचाने के लिए ट्रेन चालक को इमरजेंसी ब्रेक लगानी पड़ी। बछड़े की जान तो बच गई, लेकिन रेलवे प्रशासन के उन दावों को पोल खुल गई, जिसमें रेल प्रशासन स्टेशन में कडी सुरक्षा व्यवस्था करने का दावा किया करता था। घटना लगभग 12.50 बजे की है। प्लेटफार्म 2 और 1 के बीच मालगाड़ी के ट्रैक पर एक बछड़ा विचरण कर रहा था। इसी दौरान एक मालगाड़ी ट्रैक पर पहुंची तो बछड़ा जान बचाने के लिए प्लेटफार्म नम्बर 1 की रेलपांत पर जा पहुंचा। यहां भी मुसीबत ने उसका पीछा नही छोड़ा, हरिद्वार से पुरी जा रही उत्कल एक्सप्रेस प्लेटफार्म में पहुंच गई। बछड़ा सहम कर पटरी के बीच बैठ गया अचानक बछड़े पर ट्रेन परिचालक की नजर पड़ी और उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ट्रेन के रुकते ही अधिकांश यात्री सहम कर नीचे उतरे, बछड़ा पटरी के बीच में सहमा हुआ बैठा था।
सुरक्षा दावों की खुली पोल: बिलासपुर रेलवे स्टेशन चारों ओर से खुला हुआ है। रेलपांत पर यात्रियों द्वारा फेंके गए खाद्य पदार्थों को खाने के लिए पशु अक्सर पटरी तक पहुंच जाते हैं। ऐसा बुधवार को भी देखने को मिला, जब एक बछड़ा पटरी तक पहुंच गया। रेलवे स्टेशन को सुरक्षित करने न तो बाउंड्रीवॉल है और न ही अन्य कोई उपाय। इससे बड़े हादसे होने की आशंका से भी इंकार किया नही जा सकता।
बैकडोर एंट्री शुरू होने से हो सकता है समस्या का अंत: सिरगिट्टी क्षेत्र में पडऩे वाला स्टेशन का दूसरा किनारा सुरक्षा के अभाव के चलते हमेशा सुर्खियो में बना रहता है। वहां कोई भी आसानी से घुस सकता है। कुछ पशुपालक भी अपनी गायों को छोड़ देते हैं चरने के लिए, इसके चलते विचरण करते हुए पशु आसानी से स्टेशन के पीछे से अंदर और बाहर आ जाते हैं। उन्हें रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अफसर भी ध्यान नहीं देते हैं।
Published on:
18 Jan 2018 02:01 pm
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