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CG ELECTION 2018 : पोटली में ढेर सारे सिक्के देख अचंभित हुआ डिप्टी कलेक्टर, जानें क्या है मामला

एकबारगी डिप्टी कलेक्टर एआर टंडन समेत नामांकन फार्म देने वाले कर्मचारी अचंभित रहे।

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CG ELECTION 2018 : पोटली में ढेर सारे सिक्के देख अचंभित हुआ डिप्टी कलेक्टर, जानें क्या है मामला

बिलासपुर. पॉलीथिन की पोटलियों में एक, दो, पांच और दस रुपए के सिक्के लेकर एक शख्स अपने समर्थकों के साथ मरवाही से विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए नामांकन फार्म लेने पहुंचा। सभी सिक्कों को एक थैले में लेकर लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर दूर से पहुंचा। इन सिक्कों की गिनती करने के लिए तीन कर्मचारियों को लगाया गया। घंटे भर की गिनती पूरी होने के बाद इस प्रत्याशी को नामांकन फार्म दिया गया। मरवाही विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लडऩे के लिए ग्राम अड़भार, मरवाही के लालचंद भरिया थैले में पांच हजार रुपए के सिक्के लेकर कलेक्टोरेट पहुंचा। दोपहर तीन बजे के करीब यह व्यक्ति नामांकन पत्र विक्रय करने वाले कर्मचारियों के टेबिल पर थैले में अलग-अलग पॉलीथिन में रखे गए एक, दो, पांच और दस रुपए के सिक्के को रख दिया। एकबारगी डिप्टी कलेक्टर एआर टंडन समेत नामांकन फार्म देने वाले कर्मचारी अचंभित रहे।

...अब निर्दलीय चुनाव लडूंगा : मरवाही तहसील के ग्राम अड़भार निवासी लालचंद भारिया ने 'पत्रिकाÓ से बातचीत करते हुए बताया कि वे भारिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष है। भाजपा के सदस्य है। लेकिन टिकट वितरण में समाज की पूरी तरह से अनदेखी की गई। इसलिए सामाजिक बैठक में निर्दलीय चुनाव लडऩे का समाज के वरिष्ठ लोगों ने निर्णय लिया है। इसके बाद सामाजिक तौर पर चार गांव के लोगों ने चंदे में एक,दो,पांच एवं दस रुपए का चंदा दिया गया। इसी चंदे की राशि से नामांकन फार्म खरीदने समाज के चालीस लोग पहुंचे। स्नातकोत्तर उपाधिधारी लालचंद भरिया ने कहा कि वे स्वाभिमान पार्टी भारत के बैनर से चुनाव लडेग़े।
ऐसा पहला मामला: पांच हजार के सिक्के की पोटली लेकर पहुंचने वाला लालचंद भारिया पहला शख्स है। इसके पहले जितने भी चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों में ज्यादातर लोगों ने दो हजार व पांच सौ रुपए के नोट जमा किए है। यह पहला वाक्या है जिसमें प्रत्याशी सिक्के लेकर नामांकन पत्र खरीदने पहुंचा था।

3 कर्मियों गिनती को लगाए : नामांकन फार्म लेने वाले व्यक्ति और उसके समर्थकों को खड़ा कराकर सिक्कों की गिनती शुरू कराई गई। इसके लिए तीन कर्मचारी लगाए गए। पांच हजार रुपए के सिक्को को पहले कर्मचारियों ने छटांई की गई। इसके बाद एक-एक सिक्के की गिनती की गई। इस कार्य में करीब घंटेभर लग गए। गिनती में पूरे पांच हजार रुपए होने के बाद भावी प्रत्याशी को नामांकन फार्म दिया गया।