Chhattisgarh News: जिन बच्चों की मौत हुई, उनकी आनन-फानन में अंत्येष्टि करने से पहले पोस्टमार्टम कराया जाना था, जिससे मौत की वास्तविकता का पता चल सके। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कोटा क्षेत्र में शिशुरोग विशेषज्ञ का ना होना भी गलत हैं। संदिग्ध दवा के बैच के उपयोग पर भी रोक लगनी चाहिए। साथ ही मामले में विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने कोरोना काल में हुए टीकाकरण पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि उसे टीकाकरण से बड़ी इयूनिटी की वजह से आज मौसमी बीमारी के चपेट में कम लोग आ रहे हैं।