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पार्षदों ने मना किया फिर भी बंट गए घटिया क्वालिटी के डस्टबिन

मनमानी से नाराज पार्षदों ने की अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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nagar nigam

सतीश यादव

बिलासपुर . शहर में घर-घर कचरा संकलन करने के लिए नगर निगम ने तीन प्रकार के डस्टबिन मंगाए थे। इनमें १० लीटर के डस्टबिन की क्वॉलिटी खराब व साइज छोटा होने के कारण पार्षदों ने इसके वितरण पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी और एई अनुपम तिवारी से कहा था। इसके बावजूद ये डस्टबिन वार्डों में वितरित कर दिए गए। इससे नाराज पार्षदों ने दोनों अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नगर निगम प्रशासन ने घर व व्यासायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग-अलग डस्टबिन मंगाए थे। इसकी सप्लाई अहमदाबाद की कंपनी घनश्याम इंजीनियरिंग द्वारा की गई। इसमें कॉमर्शियल के लिए २० लीटर और घर के लिए १५ व १० लीटर के डस्टबिन हैं। ५९ वार्डों में कुल १ लाख ४५ हजार डस्टबिन का वितरण करना है। इनमें से ८५ हजार का वितरण घरों में किया जा चुका है। १० लीटर के डस्टबिन स्तरहीन और छोटा होने के कारण पार्षदों ने इसके वितरण पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन अफसरों ने पार्षदों की शिकायत को नजरअंदाज करते हुए वार्डों में 10 लीडर वाले १० हजार डस्टबिन वितरित कर दिए। जबकि पार्षदों ने डस्टबिन की क्वॉलिटी को लेकर सामान्य सभा में भी मामला उठाया था।

10 हजार डस्टबिन बांट चुके
नगर निगम के सब इंजीनियर अनुपम तिवारी ने बताया, कि १० लीटर वाले डस्टबिन को लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन तब तक १० हजार डिब्बे शहर में बांटे जा चुके थे। अब १० की जगह १५ किलो के डिब्बे मंगाए गए हैं।
अब तक नहीं दिया डिब्बा
शहर के होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को २० लीटर का डस्टबिन दिया जाना है। लेकिन पुराना बस स्टैंड के व्यापारियों के अलावा यह अन्य व्यापारियों को नहीं दिया गया है। वहीं १ लाख ४० हजार डस्टबिन आ चुके हैं। कहा जा रहा है कि और ५ हजार जल्द ही आ जाएंगे। इस बीच क्वॉलिटी को लेकर बार-बार सवाल उठते सवालों की वजह से वितरण का काम धीमा कर दिया गया है।
१० लीटर के डस्टबिन की क्वॉलिटी खराब है। इसे बदलने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने इसे बंटवा दिया। इसे लेकर वार्ड के लोग शिकायत कर रहे हैं। डिब्बे का साइज भी काफी छोटा है।
उदय मजुमदार, एमआईसी सदस्य
१० लीटर का डस्टबिन छोटा होने की बात पार्षदों ने कही थी। १५ लीटर का डस्टबिन बांटा गया है, वह पार्षदों को छोटा लग रहा है। अधिकांश डस्टबिन बांटे जा चुके हैं। नए लॉट में अलग डस्टबिन मंगाया गया है।
डॉ. आेंकार शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम।