शुक्रवार को सुबह की शुरूआत धूप खिलने के साथ हुई। इससे पूर्व गुरुवार रात शहर और आसपास के क्षेत्र में हल्की बारिश हुई। इसका असर तापमान पर पड़ा और अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आई। शुक्रवार दोपहर तक मौसम साफ रहा और इसके बाद आकाश मेघमय होने के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ और देर रात तक हल्की बारिश तो कभी बूंदाबांदी होती रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.0और न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानी एचपी चन्द्रा के अनुसार माध्य समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में स्थित है तथा पूर्वी छोर गोरखपुर, देहरी, रांची, बालासोर और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक विस्तारित है।
एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर उड़ीसा तट के ऊपर स्थित है और इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा फैला है । इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर उड़ीसा, उत्तर छत्तीसगढ़ जाने से होकर गुजरने की संभावना है। प्रदेश में 19 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने तथा वज्रपात होने की भी संभावना है। अधिकतम तापमान में कल के बाद वृद्धि संभावित है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों के तापमान
शहर- तापमान
रायपुर-29.6
बिलासपुर-32.0
पेण्ड्रा-29.3
अंबिकापुर-30.0
जगदलपुर-26.8
दुर्ग-30.2
राजनांदगांव-30.5
एक्सपर्ट व्यू
एचपी चन्द्रा
मौसम विज्ञानी
जब काले काले बादल दिख रहा हो अथवा स्वच्छ आकाश में गोभी के फूल जैसे बादल उपर उठते दिखे तो कुछ ही समय मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना बनती है। वज्रपात से बचने के लिए घर से बाहर ना निकले । घर के बाहर हों तो पेड़ के नीचे बिल्कुल ना जाए। जल जमाव वाले जमीन (पानी से भरा, खेत, पोखर, तालाब, जलाशय) पर हो तो तुरंत बाहर निकल जायें । मोटरसाइकिल या साइकिल में हो तो किसी सुरक्षित शरण में चले जाएं। बहुत अधिक संख्या में पेड़ों का झुण्ड हो तो वहां पर शरण ले सकते हैं। बिजली के खम्बे लोहे के खम्भे को न छुएं । यदि मैदानी क्षेत्र में है तो किसी सुखे जगह पर ऊंकड़ू बैठकर गर्जन के रुकने का इंतजार करें। मेघ गर्जन से प्रदेश में लगभग 130 जनहानि और 300 पशु हानि होती हैं। घर से निकलने के पहले दामिनी ऐप को डाउनलोड करके देख ले कि किस दिशा में गर्जन की घटना हो रही है, जिस दिशा में मेघ गर्जन हो उधर का रुख न करें। समय-समय पर राज्य आपदा प्रबंधन के द्वारा मौसम विभाग से जारी चेतावनी को देखकर जानकारी ले सकते हैं। बहुत अधिक तेज बारिश हो तो किसी भी हालत में घर से बाहर ना निकले। तेज बारिश के साथ वज्रपात भी होने की खतरा बना रहता है।