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आंगनबाड़ी में बच्ची की मौत… मुआवजे पर हाईकोर्ट सख्त, कलेक्टर को एफिडेविट देने के निर्देश

CG High Court: बिलासपुर जिले के डीजे के साथ रखा लोहे का पाइप गिरने से बच्ची की मौत पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर शुक्रवार को सुनवाई की।

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पीड़िता की उम्र निर्धारण के लिए मैट्रिक का सर्टिफिकेट निर्णायक (Photo source- Patrika)

पीड़िता की उम्र निर्धारण के लिए मैट्रिक का सर्टिफिकेट निर्णायक (Photo source- Patrika)

CG High Court: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के डीजे के साथ रखा लोहे का पाइप गिरने से बच्ची की मौत पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने कलेक्टर को अगली सुनवाई से पूर्व व्यक्तिगत शपथपत्र में घटना के संबंध में उठाए गए कदमों, संबंधित अधिकारियों की जिमेदारी और दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

CG High Court: हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डीबी ने कहा कि सुनवाई के बाद शपथपत्र में यह भी बताया जाएगा कि क्या मृतक बच्ची के परिवार को कोई मुआवजा दिया गया है? और यदि नहीं, तो कब तक दिया जाएगा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?

तीन साल की बच्ची मुस्कान पर तालापारा बिलासपुर स्थित आंगनबाड़ी परिसर में अवैध रूप से रखे गए डीजे उपकरणों के साथ एक लोहे का पाइप गिर गया था। सिर में गंभीर चोट पर पहले जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में सिस रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कलेक्टर को एफिडेविट देने के निर्देश

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने शुरू में इस मामले को दबा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर, जिसमें सिर में चोट लगने को मौत का कारण बताया गया था, संबंधित डीजे संचालक के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

राज्य के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि यह दुर्घटना इसलिए हुई क्योंकि आंगनबाड़ी परिसर के अंदर डीजे उपकरण एक कर्मचारी के रिश्तेदार द्वारा रखे गए थे। संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

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