
मकर संक्रांति पर्व पर पूजा अर्चना के साथ देवी गोदाम्बा की हुई विदाई
बिलासपुर. मंगलवार की सुबह श्री व्यंकटेश मंदिर में मकर संक्रांति की पूजा-अर्चना की गई। तिल व गुड़ के लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया। इसके साथ ही एक माह से चल रहे गोदाम्बा उत्सव का समापन देवी गोदाम्बा की विदाई के साथ हुआ। इस दौरान मंदिर में भगवान रंगनाथन व गोदाम्बा का मनमोहक शृंगार करते हुए मंत्रोंच्चारण के साथ सहस्त्रनाम व तुलसी अर्चना के साथ विदाई की विधि पूरी की गई।
श्री व्यंकटेश मंदिर में श्री वैष्णव संप्रदाय का एक माह तक चलने वाला श्री गोदाम्बा महोत्सव मकर संक्रांति के दिन मंगलवार को देवी गोदाम्बा की विदाई के साथ समापन हुआ। मंदिर के महंत डॉ.कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य ने बताया कि भगवान का इस धरा में आने का एक मात्र उद्देश्य है सब जीवों का कल्याण, मानव जीवन को धन्य बनाने के लिए हमें भगवान के चरणों में शरणागत होना होगा। भगवान के नाम स्मरण मात्र से इस कलयुग में मनुष्य सहज रूप से ही भवसागर से तर जाता है। सुबह मकर संक्रांति की पूजा की गई। इसके बाद भगवान रंगनाथन व देवी गोदाम्बा का वेद मंत्रो से स्त्रोत पाठ, गोदाम्बा के सहस्त्र नामों के पूजन कर विदाई की विधि पूरी की गई। इस अवसर पर भक्तों को गोष्ठी प्रसाद के रूप में खीर व तिल के लड्डुओं का भी प्रसाद दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शहर के मंदिरों में हुए आयोजन : मकर संक्रांति के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरो में मकर संक्रांति पर्व मनाया गया। इसी कड़ी में सिम्स चौक स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सीताराम मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, श्री व्यंकटेश मंदिर, शीतला माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, सतबहनिया मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई।
स्नान-दान की विधि हुई पूरी : मकर संक्रांति में सूर्य देव के उत्तरायण होने पर नदियों व सरोवरों में स्नान कर सूर्य देव को अघ्र्य देकर पूजन कार्यक्रम किया गया। इसके बाद ब्राह्मणों को दान देकर दान की विधि भी पूरी की गई।
Published on:
16 Jan 2019 11:05 am
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