
अचानकमार के 24 गांव अब जुड़ेंगे दुनिया से (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Good News: अचानकमार टाइगर रिजर्व के अंदर बसे ग्रामीणों और वन अमले को जल्द ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलने जा रही है। लंबे समय से संपर्क व्यवस्था की समस्या झेल रहे क्षेत्र में अब बीएसएनएल द्वारा मोबाइल टॉवर लगाए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ ग्रामीणों बल्कि वन विभाग के कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, रिजर्व क्षेत्र में कुल 5 स्थानों पर मोबाइल टॉवर लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में वन परिक्षेत्र के चकड़ा, मझगंवा और सरसहा में कार्य शुरू किया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर भी प्रक्रिया जारी है।
इस योजना से करीब 3000 से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। अचानकमार टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 914.07 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें लगभग 24 गांव बसे हुए हैं। यहां सबसे बड़ी समस्या संचार और बिजली की रही है। कई गांवों में अब तक बिजली लाइन का विस्तार भी नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण सोलर ऊर्जा पर निर्भर हैं। नेटवर्क के अभाव में आपात स्थिति में संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता था।
डिप्टी डायरेक्टर यूआर गणेशन ने बताया कि वन क्षेत्र होने के कारण यहां टॉवर लगाने के लिए स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमति ली गई है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में गांव बसाने की अनुमति नहीं है, लेकिन बफर जोन में बसे गांवों को सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। टॉवर लगने के बाद ग्रामीणों के साथ-साथ वन कर्मचारियों को भी पेट्रोलिंग और सुरक्षा कार्यों में बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी।
मोबाइल नेटवर्क शुरू होने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों को भी पेट्रोलिंग और सुरक्षा कार्यों में काफी सहूलियत मिलेगी। अब वे जंगल के अंदर रहते हुए भी बेहतर तरीके से संपर्क में रह सकेंगे, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी अधिक प्रभावी हो पाएगी।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में मोबाइल नेटवर्क की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में प्रयास को दर्शाता है। यह पहल न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी, बल्कि वन प्रबंधन को भी अधिक मजबूत और आधुनिक बनाएगी।
Published on:
21 Mar 2026 04:04 pm
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
