
हाईकोर्ट (Photo Patrika)
Bilaspur High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में शुक्रवार को निजी स्कूल संचालकों द्वारा महंगी किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाने का मुद्दा भी याचिकाकर्ता के वकील ने उठाया। कोर्ट ने स्कूलों की मान्यता, शिक्षा अधिकार के अंतर्गत भर्ती में गड़बड़ी के साथ ही इस मामले की सुनवाई भी 5 अगस्त को तय कर दी है। आरटीई के अंतर्गत भर्ती में गड़बड़ी और निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठाते हुए भिलाई निवासी सीवी भगवंत राव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
इस मुद्दे पर उनके अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने वर्ष 2022 में याचिका प्रस्तुत कर हाईकोर्ट की एकलपीठ से अंतरिम राहत प्राप्त की है। इसके बाद प्राइवेट स्कूल अभिभावकों पर अत्यधिक मंहगे निजी पब्लिकेशन की पुस्तकों को खरीदने का दबाव बना रहे है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक भार पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत वर्ष 2012 से कानूनी लड़ाई जारी है। 2016 में हाईकोर्ट ने विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। मगर, निजी स्कूलों ने इन्हें सही ढंग से लागू नहीं किया। इस लापरवाही और अनियमितता को देखते हुए फिर से याचिका दायर की गई है।
आरटीई के तहत प्रवेश निरस्त करने पर कुछ छात्रों ने भी याचिका प्रस्तुत की थी। ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेशित किया कि जिन छात्रों का प्रवेश हो गया है उसे निरस्त नही किया जाए। यह आदेश ऐसे सभी छात्रों पर लागू होगा।
Updated on:
12 Jul 2025 02:55 pm
Published on:
12 Jul 2025 02:55 pm
