
बिलासपुर . भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने पुलिस का नो एंट्री महज दिखावा साबित हो रहा। हर दिन और हर समय शहर के भीतर भारी वाहन मौत बनकर दौड़ रहे हैं। शहर के भीतर अधिकांश हादसों में मौतें भारी वाहनों से हुई हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य शासन ने शहर में भारी वाहनों का प्रवेश निषेध किया था। आदेश का पालन कुछ दिनों तक हुआ, लेकिन यातायात व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर चलने लगी। शहर के भीतर सुबह 5 बजे से मार्निंग वॉक करने वाले और दिनचर्या शुरू करने से लेकर रात 12 बजे तक लोगों की चहल-पहल रहती है। शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों के कारण कई बार हादसे हो चुके। तीन साल पूर्व हाईकोर्ट ने शहर के भीतर भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने राज्य शासन को आदेश दिया था। शासन ने इसका पालन करते हुए शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया था। रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ही भारी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश की अनुमति दी गई। इस आदेश का पालन कुछ दिन तक ही हुआ। इसके बाद भारी वाहन फिर से दिन में भी शहर के बीच से दौडऩे लगे। इनमें अधिकांश गाडिय़ां रायपुर से बिलासपुर मार्ग होते हुए अंबिकापुर मार्ग पर चलने वाले हैं। इन वाहनों को शहर से बाहर डायवर्ट करने बाइपास का निर्माण किया गया था। लेकिन वाहन चालक बाइपास का उपयोग नहीं कर रहे।
हर समय गुजरते हैं कंटेनर और बड़े टे्रलर : रात में शहर के भीतर से कंटेनर भरे, बड़े ट्रेलर और तेंदूपत्ते से भरे ओवरलोड वाहन शहर के भीतर से गुजरते हैं। जबकि इन वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। चौक चौराहों पर ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को एेसे वाहनों को रोकने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन वे नहीं रोक रहे।
चालक बाइपास का नहीं कर रहे उपयोग : शहर में यातायात के दबाव को कम करने शासन ने बाइपास का निर्माण किया था। जिसमें कोनी,-तुर्काडीह-सकरी -पेण्ड्रीडीह बाइपास, मोपका-सेंदरी बाइपास, पेण्ड्रीडीह- महमंद लालखदान बाइपास शामिल हैं। लेकिन भारी वाहन बाइपास छोड़ शहर के भीतर से गुजर रहे हैं।
थानों के सामने से दौड़ते हैं भारी वाहन : शहर से बाहरी मार्गों पर स्थित थानों के सामने से समस-बेसमय भारी वाहन दौड़ते हैं। एसपी ने थाने के कर्मचारियों को भारी वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कोनी, चकरभाठा, हिर्री और सरकंडा थाने के सामने से भारी वाहन प्रवेश कर रहे हैं।
आवश्यक वस्तु की आड़ में घुस रहे भारी वाहन : कलेक्टर ने भारी वाहनों को शहर में प्रवेश देने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है। इसमें बिल्डिंग मटेरियल व आवश्यक वस्तुओं से संबंधित वाहन शामिल हैं। बिल्डिंग मटेरियल के वाहनों को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक और आवश्यक वस्तुओं से संबंधित वाहनों को दोपहर 12 से 3 बजे तक शहर में प्रवेश की अनुमति है। इन वाहनों में कलेक्टर के आदेशानुसार लिखा हुआ कागज चिपकाना जरूरी है। लेकिन इनकी आड़ में दूसरे भारी वाहन भी फर्जी कागज चिपकाकर शहर में प्रवेश कर रहे हैं।
कार्रवाई कर रहे : भारी वाहनों को रोकने ११ बजे तक आरक्षकों की डयूटी लगाई जा रही है। ड्यूटी समय बढ़ाकर 12 बजे तक किया जाएगा। कलेक्टर की अनुमति वाले वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं। बिना अनुमति के वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
रोहित बघेल, एएसपी ट्रैफिक
Published on:
28 Nov 2017 11:13 am
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