
पीजी में बाहरी छात्रों को 75 फीसदी आरक्षण... गरमाया विवाद .(photo-patrika)
Bilaspur News: पति की मृत्यु के बाद पत्नी द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की मांग करते हुए दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। याचिका में दावा किया गया था कि परिवार का कमाने वाला सदस्य उसका भरण-पोषण करने में असमर्थ था। न्यायालय ने माना कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट के दौरान परिवार की सहायता करना है, रोजगार देना नहीं।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति देने का उद्देश्य केवल परिवार को अचानक वित्तीय संकट से उबारना है। परिवार के किसी सदस्य के लिए रोजगार की मांग करने के लिए यह योजना नहीं है।
अपीलकर्ता के पति पंजाब नेशनल बैंक में काम करते थे। उनकी मृत्यु के बाद, अपीलकर्ता पत्नी ने संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अनुकंपा नियुक्ति की मांग की, जिसे इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि परिवार आर्थिक रूप से स्थिर था और वे निर्धन नहीं थे। मृतक की पत्नी और बेटे ने एक रिट याचिका दायर की।
सिंगल बेंच ने इसे 6 मार्च, 2024 को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अपीलकर्ता वित्तीय संकट का सामना नहीं कर रहे हैं। इसके खिलाफ डिवीजन बेंच के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई। पत्नी का कहना था कि उसका छोटा बेटा सरकारी नौकरी के बावजूद परिवार को वित्तीय मदद देने में असमर्थ था।
Published on:
26 Apr 2025 01:45 pm
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