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हाईकोर्ट ने दिया 6 हफ्ते का समय, चार हफ्ते में मंजूर हो गया मास्टर प्लान

7 साल से अटका मास्टर प्लान...

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High Court

बिलासपुर . सात साल से बिलासपुर शहर का मास्टर प्लान लंबित रहा। इसे लेकर रीयल एस्टेट कारोबारियों द्वारा लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट ने महीनेभर पहले (1 मार्च 2018 को) 6 सप्ताह में मास्टर प्लान जारी करने के आदेश दिए। इसके बाद शासन ने आनन-फानन में सभी प्रक्रियाएं पूरी करके कोर्ट द्वारा निर्धारित अवधि से दो सप्ताह पहले ही मास्टर प्लान लागू कर दिया है। इसे राजपत्र में 30 मार्च को प्रकाशित कर दिया। नए मास्टर प्लान में शहर की चारों दिशाओं में लगभग 16 किमी. के दायरे को शामिल किया है। इसमें दो फ्लाईओवर व दो अंडरब्रिज प्रस्तावित हैं। मास्टर प्लान में शामिल जमीन में से 50 प्रतिशत हिस्सा आवास के लिए आरक्षित है।

ये है मास्टर प्लान का दायरा
बिलासपुर शहर के मास्टर प्लान में 16 किमी. का दायरा शामिल किया गया है। इसमें ज्यादा हिस्सा रायपुर रोड का है। रायपुर रोड पर पेंड्रीडीह बायपास रोड के आगे ग्राम हरदी तक के गांव शामिल हैं। मुंगेली नाका रोड पर ग्राम काठाकोनी तक प्लान के दायरे में है। रतनपुर रोड पर ग्राम सेंदरी तक एवं शिवरीनारायण रोड पर ग्राम दर्रीघाट-लावर तक का रकबा शामिल है।

ऐसी है भूमि उपयोगिता
िनए मास्टर प्लान में शामिल भूमि की उपयोगिता की श्रेणी तय की गई है।
िमास्टर प्लान में शामिल कुल भूमि में से 50 प्रतिशत भूमि आवासीय श्रेणी में शामिल है।
ि30 प्रतिशत भूमि का उपयोग सडक़ के लिए किया जाएगा।
िसाढ़े 12 प्रतिशत भूमि आमोद-प्रमोद के लिए रखा गया है।
ि4 फीसदी जमीन व्यावसायिक श्रेणी में है।
िसाढ़े 3 प्रतिशत भूमि का उपयोग सरकारी कार्यालय भवनों, स्कूल, कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रखा गया है।

दो फ्लाईओवर
दो अंडरब्रिज
महाराणा प्रताप चौक एवं सेंदरी में दो फ्लाईओवर प्रस्तावित है। वहीं भारती नगर व अमेरी रोड पर अंडर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
93 गांवों को
किया गया शामिल
वर्ष 2011 का मास्टर प्लान 31 गांवों को शामिल करके बनाया गया था। 2013 के मास्टर प्लान में 62 गांवों को शामिल किया गया है। नए मास्टर प्लान में अब कुल 93 गांव शामिल किए गए हैं।

वर्ष 2011 का सफर 2018 में खत्म हुआ
बिलासपुर मास्टर प्लान का सफर अक्टूबर 2011 में शुरू किया गया था। दो वर्ष बाद सन् 2013 में 62 गांव को शामिल करके प्रकाशन किया गया। वर्ष 2015 में भूमि उपयोग का प्रकाशन किया गया। इसी वर्ष मास्टर प्लान का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। 30 मार्च 2018 को अंतिम रूप से प्रकाशन किया गया।

अहमदाबाद की
कंपनी को ठेका
बिलासपुर समेत राज्य के विभिन्न नगरों का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए अहमदाबाद की कंपनी साइं कंसल्टेंट को दिया गया। नगरों के मास्टर प्लान को तैयार करने के लिए राज्य शासन ने लगभग 4 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
विभाग का ऐसा दावा
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग का दावा है कि बिलासपुर के नए मास्टर प्लान से जमीन की कीमतें घटेगी क्योंकि कुल भूमि की पचास फीसदी भूमि को आवासीय श्रेणी में रखा गया है। इससे नए मकानों व जमीन के दाम में प्रतिस्पर्धा अधिक होने से गिरावट आएगी।

दिनभर लगी रही भीड़
न्यू कंपोजिट बिल्डिंग के तृतीय तल पर नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय के दीवारों पर नए मास्टर प्लान का नक्शा चस्पा किया गया है। इस नक्शे में लोग अपनी भूमि की वस्तुस्थिति जानने के लिए दिनभर जुटे रहे। कोई मोबाइल फोन पर संबंधित क्षेत्र की तस्वीर लेने का प्रयास करता रहा, तो कोई नक्शे में अपनी जमीन तलाशता रहा।

&हाईकोर्ट ने 6 सप्ताह में मास्टर प्लान लागू करने के लिए कहा था। विभाग ने तय समय से दो हफ्ते पहले प्लान लागू कर दिया है।
संदीप बांगड़े, संयुक्त संचालक, बिलासपुर