
बिलासपुर . आईजी दिपांशु काबरा ने बुधवार को रेंज के 5 जिलों की क्राइम समीक्षा की। आईजी ने रेंज के 5 पुलिस अधीक्षकों को बेसिक पुलिसिंग पर ध्यान देने की हिदायत दी है। विशेषकर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और संगीन मामलों के निराकरण के लिए एसआईटी की मदद लेने कहा। आईजी कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान आईजी दिपांशु काबरा ने कहा, कि मई-जून महीने से विकास यात्रा प्रारंभ हो रही है, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। जिले में हत्या के मामले पेंडिंग हैं, जिनमें पुलिस हत्यारों का सुराग और मरने वालों की पहचान नहीं कर सकी है। ऐसे मामलों के निराकरण के लिए वैज्ञानिक विवेचना का उपयोग कर डीएनए और नारको टेस्ट के जरिए हत्यारों का सुराग लगाया जा सकता है। जिन मामलों की जांच में थानेदार और सुपरविजन ऑफिसर सफल नहीं हो पा रहे हैं, उन मामलों की जांच एसआईटी से कराई जानी चाहिए। आईजी काबरा ने चिटफंड कंपनियों पर कार्रवई करने के निर्देश दिए। साथ ही यातायात व्यवस्था सुधारने दुर्घटना जन्य थानों पर ब्रेकर बनवाने और नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए कहा। पुलिस अधीक्षकों को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सघन गश्त करने, और नाकेबंदी कर वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए। बैठक में बिलासपुर एसपी आरिफ एच शेख, मुंगेली एसपी पारूल माथुर, रायगढ़ एसपी दीपक झा, जांजगीर चांपा एसपी नीतू कमल और कोरबा एएसपी कीर्तिन राठौर उपस्थित थे।
रासुका व जिलाबदर के प्रस्ताव भेजें : आगामी विधानसभा चुनाव 2018 के मद्देनजर आईजी ने पुलिस अधीक्षकों को जिलों के आदतन अपराधियों के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) और जिला अदर के प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को भेजने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षकों को चुनाव के पहले हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ प्रस्ताव सभी जिलो से भेजने की चेतावनी दी गई।
6 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई : आपराधिक मामलों में कोर्ट से 111 प्रकरणों में अपराधियों को दोषमुक्त हो गए। इन प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें 40 प्रकरणों में अपील करने, 65 प्रकरण नस्तीबद्ध करने और 6 मामलों में जांच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए।
Published on:
10 May 2018 07:11 pm
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