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बिलासपुर पोल्ट्री फार्म में बड़ी तबाही! 5000 से अधिक पक्षियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका से हड़कंप…

Poultry Farm Death Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है।

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बिलासपुर पोल्ट्री फार्म में बड़ी तबाही! 5000 से अधिक पक्षियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका से हड़कंप...(photo-patrika)

बिलासपुर पोल्ट्री फार्म में बड़ी तबाही! 5000 से अधिक पक्षियों की संदिग्ध मौत, बर्ड फ्लू की आशंका से हड़कंप...(photo-patrika)

Poultry Farm Death Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती लक्षणों के आधार पर बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल बंद कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र को निगरानी में ले लिया गया है।

Poultry Farm Death Case: छह दिनों में 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत

जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार बढ़ता गया। छह हजार से अधिक पक्षियों की क्षमता वाले इस सरकारी पोल्ट्री फार्म में बीते पांच-छह दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।

जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे सैंपल

मामले की गंभीरता को देखते हुए मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौतों के पीछे बर्ड फ्लू है या कोई अन्य कारण। घटना के बाद पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। रायपुर से राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को बिलासपुर पहुंचेगी। टीम द्वारा पोल्ट्री फार्म का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

5 किलोमीटर का इलाका घोषित संवेदनशील

संभावित संक्रमण को देखते हुए पोल्ट्री फार्म के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। यदि बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो प्रभावित क्षेत्र में मौजूद सभी मुर्गा-मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में फार्म प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई है। पक्षियों की मौत 18 मार्च से शुरू होने के बावजूद समय पर उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मौतों की संख्या कम हो सकती थी।

पहले भी सामने आ चुका है मामला

गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ के चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। उस दौरान हजारों मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर क्षेत्र को कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन घोषित किया गया था।