27 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना पैरोल पर बड़ी चूक! 38 में से 37 कैदी फरार, DG जेल ने हाईकोर्ट में दिया शपथपत्र, 5 सेंट्रल जेल समेत 33 कारागारों का खुलासा…

CG High Court: बिलासपुर जिले में कोरोना काल के दौरान पैरोल पर छोड़े गए कैदियों की वापसी न होने का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।

2 min read
Google source verification
38 में से 37 कैदी फरार, DG जेल ने हाईकोर्ट में दिया शपथपत्र(photo-patrika)

38 में से 37 कैदी फरार, DG जेल ने हाईकोर्ट में दिया शपथपत्र(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कोरोना काल के दौरान पैरोल पर छोड़े गए कैदियों की वापसी न होने का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पेश शपथपत्र में डायरेक्टर जनरल (जेल) ने बताया है कि 38 में से 37 कैदी अब तक फरार हैं, जबकि केवल एक को ही गिरफ्तार किया जा सका है। अदालत ने मामले को मॉनिटरिंग के लिए निर्धारित कर दिया है।

CG News: जनहित याचिका पर स्वत: संज्ञान

हाईकोर्ट ने प्रदेश की विभिन्न जेलों से पैरोल पर मुक्त किए गए बंदियों के मामले में संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू की थी। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने पूर्व सुनवाई के दौरान जेल डीजी से शपथपत्र के साथ विस्तृत जवाब तलब किया था।

शपथपत्र में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में कुल पांच सेंट्रल जेल- रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर- स्थित हैं। इसके अलावा 12 जिला जेल और 16 उपजेल संचालित हैं। 10 फरवरी को प्रस्तुत नवीनतम शपथपत्र में डीजी जेल ने स्पष्ट किया कि पैरोल पर छोड़े गए 38 बंदियों में से 37 की अब तक वापसी नहीं हुई है।

कोरोना संक्रमण के दौरान दी गई थी पैरोल

दरअसल, कोविड-19 महामारी के दौरान जेलों में भीड़ कम करने और संक्रमण के खतरे को घटाने के उद्देश्य से अच्छे आचरण वाले बंदियों को अस्थायी रूप से पैरोल पर रिहा किया गया था। संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कई बार पैरोल अवधि भी बढ़ाई गई। हालांकि महामारी का दौर समाप्त होने के बाद भी अधिकांश बंदी वापस जेल नहीं लौटे।

हाईकोर्ट करेगा मामले की मॉनिटरिंग

कैदियों की बड़ी संख्या में फरारी को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने मामले की नियमित मॉनिटरिंग का निर्णय लिया है। अदालत अब यह देखेगी कि फरार बंदियों की गिरफ्तारी और वापसी सुनिश्चित करने के लिए जेल प्रशासन और पुलिस क्या कदम उठा रही है। मामले ने जेल प्रबंधन और पैरोल व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।