
March Festival List 2025: मार्च के महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार आने वाले हैं। इस माह फुलेरा दूज, आमलकी एकादशी, शीतला अष्टमी, पापमोचिनी एकादशी, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा जैसे कई व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। इसके अलावा, इस महीने में चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण भी देखने को मिलेंगे।
बिलासपुर के ज्योतिषाचार्य पंडित जागेश्वर अवस्थी के अनुसार 1 मार्च से मीन राशि में चतुरग्रही योग बनेगा, जिसमें चंद्रमा, राहु, बुध और शुक्र एक साथ आएंगे। यह योग दो दिन तक प्रभावी रहेगा और इसके अशुभ प्रभाव देखे जा सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, जब किसी राशि में चार या अधिक ग्रह एकत्रित होते हैं, तो इसका प्रभाव विश्व स्तर पर महसूस होता है। पूर्व अनुभवों के अनुसार, ऐसे संयोगों के दौरान प्राकृतिक आपदाएं भूकंप, आगजनी, युद्ध और आतंकवादी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। मार्च के अंत में पंचग्रही योग के बनने से सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
01 मार्च - फुलेरा दूज, राम कृष्ण जयंती: फुलेरा दूज भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है।
07 मार्च - होलाष्टक की शुरुआत: होलाष्टक होली से आठ दिन पहले शुरू होता है। इस दौरान शुभ कार्यों को करने से मना किया जाता है।
10 मार्च - आमलकी एकादशी: आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ आंवले के पेड़ की भी पूजा की जाती है। इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
11 मार्च - प्रदोष व्रत: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने से पारिवारिक जीवन में समृद्धि आती है।
13 मार्च - पूर्णिमा, होलिका दहन: पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है। मार्च में इस दिन होलिका दहन भी किया जाएगा।
14 मार्च - होली, पूर्णिमा मीन संक्रांति: पूर्णिमा तिथि 14 मार्च तक रहेगी और इसी दिन होली मनाई जाएगी। मीन संक्रांति भी होगी।
21 मार्च - शीतला सप्तमी: इस दिन देवी माता शीतला की पूजा की जाती है, जो शीतलता की प्रतीक हैं। यदि माता-पिता इस दिन पूजा करते हैं, तो उनके बच्चों को दीर्घायु प्राप्त होती है।
25 मार्च - पापमोचनी एकादशी: इस दिन का नाम ही बताता है कि व्रत रखने से पापों का नाश होता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
29 मार्च- अमावस्या: चैत्र अमावस्या की तिथि पर ध्यान और दान करने से तथा पितरों के लिए तर्पण से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
30 मार्च- हिंदू नव वर्ष की शुरुआत, चैत्र नवरात्रि का आरंभ: इस दिन से हिंदुओं का नया वर्ष प्रारंभ होगा, साथ ही चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू होगा।
02 मार्च-शुक्र मीन राशि में वक्री
14 मार्च-सूर्य का मीन राशि में गोचर, चंद्र ग्रहण
15 मार्च-बुध मीन राशि में वक्री
17 मार्च-बुध मीन राशि में अस्त
18 मार्च-शुक्र मीन राशि में अस्त
Updated on:
01 Mar 2025 01:56 pm
Published on:
01 Mar 2025 01:56 pm
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