
मरवाही उपचुनाव: कड़ी टक्कर लेकिन जोगी के आंकड़े को पार करने का दावा कोई नहीं कर रहा
बिलासपुर. मरवाही विधानसभा (Marwahi By-election) क्षेत्र उपचुनाव कांग्रेस की साख पर बन आई है जिसके कारण कांग्रेस ने मंत्री विधायकों के अलावा संगठन के पदाधिकारियों की बूथ सेक्टर प्रभारियों के साथ डय़ूटी लगा दी है। दूसरी तरफ भाजपा (BJP) भी सीट पर कब्जा जमाने पूरी ताकत लगा रही है। संगठन के पदाधिकारी जगह-जगह लोगों की बैठक ले रहे हैं वहीं पूर्व विधायक और विधायक-सांसद सभा ले रहे हैं। जोगी कांग्रेस के बाहर होने के बाद दोनों पार्टी के बीच बादशाहत को बचाए रखने की चुनौती है।
मरवाही विधानसभा उपचुनावके मैदान से जोगी कांग्रेस के बाहर होने के बाद प्रमुख दो राजनीतिक दल आमने सामने हैं। भाजपा 20 साल पहले खोई हुई सीट को वापस लेने के लिए एड़ी चोंटी एक करने में लगी है। वहीं सत्ता में काबिज कांग्रेस ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। कांग्रेस ने 8 मंत्री और 50 विधायकों की टीम लगा रखी है। नाम वापसी के बाद मंत्रियों का दौरा शुरू हो गया है गांव गांव में सभाएं ले रहे हैं। विधायक और संगठन के नेताओं को बूथ और सेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकांश ने अपना काम भी संभाल लिया है।
कांग्रेस के जीपीएम प्रभारी जयसिंह अग्रवाल पिछले दो महीने डेरा जमाए हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, शैलेष पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान ने डेरा जमा दिए हैं। आबकारी मंत्री कवासी कखमा भी पहुंच गए हैं। वहीं भाजपा के जीपीएम प्रभारी पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल 14 बार दौरा कर चुके हैं, इस बीच कई बार रात रुककर क्षेत्र स्थिति का जायता लेते रहे हैं। भूपेन्द्र सवन्नी, सांसद अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिश प्रचार के बाद रात में कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे हैं। संगठन के पदाधिकारी पूर्व पार्षदों को बूथ की जिम्मेदारी दी गई है। मरवाही चुनाव के लिए भाजपा कांग्रेस ने नए प्रत्याशियों पर दांव लगाई है। दोनों पेशे से डाक्टर हैं।
दोनों पार्टी में रस्साकसी
मरवाही उप चुनाव के मतदान को 3 नवम्बर को है, चुनाव को 13 दिन शेष रह गए हैं अभी तक की दोनों पार्टी की सक्रियता को मापा जाए तो इनके बीच रस्साकसी जारी है। हालांकि कांग्रेस मरवाही क्षेत्र में चुनाव घोषणा होने के पहले डेरा जमा दी है।
जोगी कांग्रेस की उपस्थिति बढ़ा सकती है दिक्कत
जोगी कांग्रेस मरवाही उप चुनाव से बाहर इसके बावजूद जोगी परिवार अपने कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में डटी है। कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी सप्ताहित बाजारों में लोगों से न्याय मांगते हुए घूम रही है। वहीं मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी कार्यकर्ताओं के जोगी परिवार के साथ हुए अन्याय की जानकारी दे रहे हैं। अगर प्रचार रफ्तार दिनों दिन तेज होती जा रही है। इससे दोनों पार्टी अपना अपना नफा नुकसान का अनुमान लगा रहे हैं।
Published on:
22 Oct 2020 12:38 pm
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