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लड़कियों पर कमेंट करने वाले अब जरा हो जाओ सावधान, किसी भी रूप में कहीं भी हो सकती है पुलिस

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पीएचक्यू हुआ सख्त, पीएचक्यू का आदेश(PHQ orders) हर हाल में रुके छेड़छाड़ की घटनाएं, कार्रवाई के आदेश

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New orders of PHQ for the safety of girl students

लड़कियों पर कमेंट करने वाले अब जरा हो जाओ सावधान, किसी भी रूप में कहीं भी हो सकती है पुलिस

बिलासपुर. महिला संबंधी अपराध बढऩे पर एडीजी ने स्कूल, कॉलेज की छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पीएचक्यू से प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी हुआ है(PHQ orders)। एडीजी गुप्तवार्ता संजय पिल्लै ने महिलाओं की सुरक्षा के शिकायत के बिना भी छेडख़ानी करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण के लिए एडीजी ने सिविल ड्रेस में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात करने और छेडख़ानी करने वालो को पकडऩे के निर्देश दिए हैं।

एडीजी गुप्तवार्ता संजय पिल्लै ने 20 जून को प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर आगाह किया है कि प्रदेश में लगातार महिलाओं से संबंधित अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। छेडख़ानी की घटनाओं पर अंकुश लगाना जरूरी है।
शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही छात्राओं, कामकाजी महिलाओं के स्र व शैक्षणिक संस्थानों के बाहर छेडख़ानी की घटनाएं लगातार होती हैं। घटनाओं पर अंकुश नही लगाने पर छेडख़ानी की घटना हिंसक रूप ले लेती हैं, जिससे हादसे भी होते हैं। घअनाओं के बाद पीडि़त महिलाओं का व्यक्तित्व, जीवन और विचार धारा बदल जाती है। ऐसी घटनाएं समाज के लिए प्रश्न चिन्ह हैं। पुलिस का यह दायित्व है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने और दोबारा घटनाएं न हो इसके प्रयास किए जाएं।छेडख़ानी करने वाले आरोपियों के खिलाफ प्रभारी कार्रवाई की जाए जाकि स्वच्छ समाज बने और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें।
महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती हैं पुलिस को कार्रवाई के लिए पीडि़त महिला व छात्राओं द्वारा स्वयं शिकायत करने का इंतजार किए बिना आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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0 आमतौर पर असमाजिक तत्वों व गुंडों के खिलाफ शिकायत करने से महिलाएं कतराती हैं। ऐसे में महिला पुलिस कर्मियों को पीडि़ताओं को निडर बनाने का प्रयास करना चाहिए, तकि आरोपियों के खिलाफ शिकायत और कार्रवाई हो सके।
0 स्कूल, कॉलेज व अन्य महिलाओं से संबंधित संस्थानों के बाहर सिविल ड्रेस में महिला पुलिस कर्मी तैनात किए जांए, जाकि छेडख़ानी करने वाले आरोपियों की पहचान हो सके।
0 महिलाओं से संबंधित संस्थानों के आसपास पान ठेला, चाय दुकान व अन्य ठेलों को हटाए जाएं।
0 संस्थानों के आसपास अश्लील बैनर व पोस्टर न लगाए जाएं।
0 संस्थानों के आसपास एकजुट होने वाले असमाजिक तत्वों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
0 सिविल ड्रेस में तैनात महिला पुलिस कर्मी को यह ध्यान देना जरूरी है कि महिला या छात्रा द्वारा छात्रों से फ्लर्ट तो नहीं किया जा रहा है।
छेडख़ानी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
कॉलेजों में आचार संहिता लागू करने स्थानीय प्रशासन से चर्चा कर व्यवस्था की जाए।
0 संस्थान प्रमुखों को हिदायत दी जाए कि छेडख़ानी की घटनाएं होने पर तत्काल सूचना पुलिस को दी जाए।
0 समाज सुरक्षा समितियों की तहर महिलाओं का भी संगठन बनाने महिलाओं को प्रेरित किया जाए। उनसे सहयोग भी लिया जाए।
0 पीडि़त महिलाओं से अलग व्यवहार करने वालों को पहली बार समझाइश दी जाए। नहीं मानने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
0 छेडख़ानी के मामलों की जांच से प्रभावी व्यक्तियों को दूर रख जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो।
0 महिला संबंधी संस्थान प्रमुखों के साथ लगातार बैठक कर घटनाओं पर अंकुश लगाने योजना बनाई जाए।
0 छेडख़ानी के मामलों की जांच करने वाले अधिकारियों को संयमित होकर कार्रवाई करने की हिदायत दी जाए।
0 छेडख़ानी के प्रकरणों की जांच के दौरान गोपनीयता बनाई रखी जाए।
0 गुमनाम शिकायतों की जांच के दौरान यह तय किया जाए कि शिकायत सहीं या फर्जी
0 छात्रों से बार-बार मिलने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही संस्थान प्रमुख व परिजनों को इसकी जानकारी दी जाए।
0(PHQ orders) सिनेमा हॉल व मॉल में शो छूटते समय पुलिस बल तैनात किए जांए ताकि कियी प्रकार की घटना न हो। घटना होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

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