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बिलासपुर की ट्रेनों में अवैध वेण्डरों का कब्जा

पत्रिका की टीम को देखकर सामान छोड़कर भागे वेंडर

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अवैध वेण्डर

बिलासपुर . रेलवे में यात्रियों को खाने-पीने की चीजें बेचने वाले अवैध वेंडरों पर रेल प्रशासन अंकुश नहीं लगा पा रहा है। पूरी ट्रेन अवैध वेंडरों के कब्जे में होती है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है, इसके लिए बकायदा सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को कमीशन के तौर पर हर महीने मोटी रकम दी जाती है। यही कारण है कि रेलवे में सक्रिय ये गिरोह हर रोज हजारों रुपए का सामान रेलों में यात्रियों को बेच रहे हैं। रेलवे की इसी नाकामी को दिखाने के लिए पत्रिका टीम ने रविवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन में दोपहर ३:२० बजे सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस के जनरल कोच में अवैध वेंडरों को पकड़ा। एक नंबर प्लेटफार्म पर जैसे ही ट्रेन आई, यहां पर खडे़ अवैध वेंडर बड़े थैलों में रखे, समोसा , बिरयानी सहित अन्य सामान कोच में जाकर बेचने लगे। पत्रिका के कैमरामैन को जैसे ही इन अवैध वेंडरों ने देखा, वे कोच छोड़ कर भागने लगे। कई वेंडरों ने तो ट्रेन में ही अपने थैलों को छोड़ कर वहां से निकल गए। मजे की बात तो यह है कि वहां पर उतनी समय आरपीएफ और जीआरपी का एक भी पुलिस कर्मी वहां पर मौजूद नहीं था।

हाईकोर्ट का आदेश दरकिनार
हाईकोर्ट द्वारा स्टेशन और ट्रेन में यात्रियों को खाद्य सामग्री बेचने वाले अवैध वेण्डरों पर लगाम लगाने के मामले की सुनवाई की जा रही है, इसके लिए कोर्ट द्वारा लगातार रेलवे अधिकारियों को आदेश दिए जा रहे हैं और रेल प्रशासन कोर्ट को अवैध वेण्डरों पर कार्रवाई करने की बात कह कर गुमराह कर रहा है, लेकिन रविवार को रेलवे के इस कोरी कार्रवाई का खुलासा हो गया। अवैध वेण्डरों के मामले की सुनवाई २९ दिसंबर को है।

अवैध वेण्डरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अगर ट्रेनों में अवैध वेण्डरों की मौजूदगी की सूचना आती है, तो तुरंत कार्रवाई करेंगे।
भवानी शंकर नाथ, सीनियर डीएससी