
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे के कामों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। रेलवे के ठेकों के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप में झाझरिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ठेकेदार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह वही कंपनी है, जिसे बिलासपुर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का करीब 392 करोड़ रुपए का काम मिला है। ऐसे में अब रेलवे के अन्य अफसरों में भी हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई की टीम झाझरिया कंपनी को मिले सभी कामों के दस्तावेजों को एकत्रित करने में लगी हुई है।
जानकारों का मानना है कि बड़े पैमाने पर रेलवे का ठेका झाझरिया कंपनी को मिला है। ऐसे में अन्य अफसरों की मिलीभगत का भी अंदेशा लगाया जा रहा है। फिलहाल बिलासपुर स्टेशन का अमृत स्टेशन योजना के तहत री-डेवलपमेंट का काम किया जा रहा है। ऐसे में आरोपी ठेकेदार की झाझरिया कंपनी को ही इस काम को करने के लिए 392 करोड़ का ठेका मिला है। इस ठेके के संबंध में भी सीबीआई जांच कर रही है कि कहीं इतने बड़े ठेके को पाने के लिए भी लेन-देन हुआ हो।
झाझरिया कंपनी बहुत समय से रेलवे के कामों को करती आ रही है। इसमें कंपनी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए विभिन्न निर्माण कार्य कर रही थी, जिसमें छोटे-बड़े पुल, रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी), और ट्रैक लाइनिंग जैसे कार्य शामिल थे।
इन कामों को पाने के लिए ठेकेदार रेलवे के बड़े अफसरों से सांठगांठ कर ठेका आसानी से पा जाता था। रेलवे अफसरों के मुताबिक, एक-दो दिनों में सीबीआई के कुछ अफसर बिलासपुर पहुंचने वाले हैं, जो कंपनी के पुराने कामों की भी फाइलों की जांच करेंगे।
झाझरिया कंपनी को ही बिलासपुर स्टेशन री-डेवलपमेंट के लिए 392 करोड़ का ठेका दिया गया है। ठेकेदार पर कार्रवाई से स्टेशन री-डेवलपमेंट के काम में आंशिक प्रभाव पड़ा है। सीई पर रेलवे बोर्ड निलंबन की कार्रवाई करेगा। ठेकेदार के संबंध में सभी जांच सीबीआई की टीम कर रही है।
Updated on:
29 Apr 2025, 9:30 AM IST
Published on:
29 Apr 2025, 7:41 AM IST
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